नई दिल्ली। खुली जेलों के विस्तार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को कड़ी चेतावनी दी। कोर्ट ने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मुख्य सचिव को अदालत में बुलाकर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद इस मामले में कोई खास काम नहीं हुआ है।
कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी समिति की बैठक में सचिव स्तर के अधिकारी को भेजने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार ने इसके बजाय उप सचिव स्तर के अधिकारी को भेज दिया। हाई कोर्ट ने जेल महानिदेशक को भी अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी ने मामले में पूरी जानकारी के बिना हलफनामा दाखिल करवाया। हालांकि, गृह विभाग के विशेष सचिव ने अदालत को भरोसा दिया कि अगली बैठक में सरकार और जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे और आदेश के पालन पर विस्तृत जवाब देंगे। इसके बाद कोर्ट ने अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई फिलहाल टाल दी। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2026 में सभी राज्यों को खुली जेलों की व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए थे। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। संवाद
-
सचिन कुमार