दिल्ली सरकार पिछले दो-तीन महीनों से निष्क्रिय राशन कार्डों का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू करेगी। इस प्रक्रिया के बाद तीन महीने से निष्क्रिय रहने वाले राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे। यह जानकारी खाद्य और आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने शुक्रवार को दी।
वास्तविक मामलों में रद्द नहीं किया जाएगा कार्ड
उन्होंने कहा कि अगले महीने से घर-घर जाकर उन लाभार्थियों की जांच की जाएगी जो दो-तीन महीने से राशन नहीं ले रहे हैं। इस दौरान मालूम किया जाएगा कि वह व्यक्ति अपने गृहनगर गया है या बीमार है। ऐसे वास्तविक मामलों में राशन कार्ड नहीं काटा जाएगा।
अगर कार्ड निष्क्रिय है और वह व्यक्ति मौजूद नहीं है या दिल्ली छोड़ चुका है तो ऐसे कार्ड को रद्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिना किसी वैध कारण के किसी भी लाभार्थी का राशन कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा।
ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से इकट्ठा होगा डेटा
उन्होंने कहा कि अक्तूबर माह के अंत तक ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से विभाग के पास उन लाभार्थियों के बारे में डेटा होगा जो विवादास्पद रूप से राशन एकत्र नहीं कर रहे हैं। दिल्ली सरकार ने वर्ष 2018 की शुरुआत में ई-पीओएस के उपयोग को निलंबित कर दिया था, क्योंकि खराब नेटवर्क की शिकायतों के कारण प्रमाणीकरण विफलता और वास्तविक लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया था। इसे इसी साल जुलाई में दोबारा शुरू किया गया था।
लंबित सूची में हैं दो लाख से अधिक राशन कार्ड
उन्होंने कहा कि राशन कार्डों के लिए दो लाख से अधिक आवेदन लंबित सूची में डाल दिए गए हैं।दिल्ली के राशन कार्डों का कोटा कम से कम 7-8 लाख बढ़ाने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। केंद्र सरकार से दिल्ली के कोटा को 72.77 लाख से बढ़ाकर 80 लाख करने का अनुरोध किया है, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। दो लाख से अधिक राशन कार्ड प्रतीक्षा सूची में हैं।