कोरोना के चलते 10वीं कक्षा की रद्द परीक्षा का रिजल्ट दिल्ली के स्कूलों में भी सीबीएसई बोर्ड की अंक निर्धारण नीति से होगा। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने अपने सभी सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके तहत स्कूलों को 20 जून तक रिजल्ट तैयार करना होगा। यदि कोई स्कूल रिजल्ट तैयार करने में इस समय-सीमा से अधिक समय चाहता होगा तो उसे 18 जून से पहले जानकारी देनी होगी। खास बातय है कि स्कूल रिजल्ट तैयार करने में मिड-टर्म और प्री-बोर्ड की परीक्षा से 80 अंक और आंतरिक मूल्यांकन से 20 अंक देंगे।
दिल्ली शिक्षा निदेशालय की ओर से मंगलवार को दसवीं कक्षा की रदद परीक्षा का मूल्यांकन से रिजल्ट तैयार करने को लेकर सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें रिजल्ट तैयार करने को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई है। शिक्षा निदेशालय ने सीबीएसई बोर्ड द्वारा 1 मई को अंक निर्धारण नीति जारी करने के बाद रिजल्ट तय समय सीमा में तैयार करने में असमर्थता जताई थी। शिक्षा निदेशालय ने अतिरिक्त समय की मांग रखा थी। उसका कहना था कि उनके कई स्कूलों में कोविड वैक्सीन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अलावा शिक्षकों की कोविड 19 प्रोटोकॉल में लगायी गई है। इसके चलते सीबीएसई बोर्ड ने दिल्ली शिक्षा निदेशालय को राहत दी थी। इसी के आधार पर अब दिल्ली के स्कूल अलग से रिजल्ट तैयार करेंगे।
यदि छात्र संतुष्ठ नहीं तो हालात ठीक होने पर परीक्षा का मौका:
कोरोना के चलते सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं बोर्ड परीक्षा रदद कर दी थी। इसलिए बोर्ड ने 10वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने के लिए मूल्यांकन नीति तैयार की है। इसमें छात्र का रिजल्ट तैयार करने की जिम्मेदारी स्कूल को दी गई है। हालांकि बोर्ड जब रिजल्ट जारी करेगा तो उसमें स्कूल की पिछले तीन साल परफारमेंस को भी शामिल करेगा। सभी विषयों का रिजल्ट 100 -100 अंक के आधार पर तैयार होगा। इसमें मिड-टर्म और प्री बोर्ड की परीक्षा से 80 अंक और आंतरिक मूल्यांकन से 20 अंक मिलेंगे। यदि कोई छात्र इस प्रक्रिया से तैयार रिजल्ट से संतुष्ठ नहीं होता है तो उसे कोरोना हालात ठीक होने पर लिखित परीक्षा का मौका भी दिया जाएगा।
सीबीएसई का यह रहेगा फार्मूला:
यूनिट टेस्ट ( 10 अंक) , मिड-टर्म ( 30 अंक) और प्री-बोर्ड परीक्षा ( 40 अंक) से निर्धारित किए गए हैं। सीबीएसई की अंक नीति के अनुसार स्कूल का तीन साल में 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन भी परखा जाएगा। इस रिजल्ट को तैयार करने के लिए स्कूलों को दो कमेटी बनाने को कहा गया है। आठ सदस्यों वाली कमेटी में प्रिंसिपल समेत 7 शिक्षक होंगे। इसमें दसवीं के सभी विषयों ( जिनका
मूल्यांकन होना है) के शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। मूल्यांकन में पक्षपात और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने में संलिप्त पाए गए स्कूलों पर जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी संबद्धता खत्म
कर दी जाएगी।