निर्माण श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। अब उनके घरों का चुल्हा नहीं बुझेगा। दिल्ली सरकार ने निर्माण श्रमिकों की आजीविका को ध्यान में रख 350 करोड़ रुपया जारी किया है। दिल्ली के सभी सात लाख निर्माण मजदूरों को इस राशि से पांच-पांच हजार रुपया बतौर सहायता राशि दी जाएगी।
दरअसल वायु प्रदूषण के कारण निर्माण गतिविधियों के बंद होने से निर्माण श्रमिकों की आजीविका रुक गई है। इसे ही देखते हुए सरकार ने सभी को सहायता राशि देने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार ने शनिवार को सात लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों में 2.95 लाख निर्माण श्रमिकों के खातों में सहायता राशि भेज दी है। सरकार का कहना है कि बाकि श्रमिकों के खातों में भी 2 दिन में यह राशि भेज दी जाएगी।
दिल्ली सरकार ने कहा है कि समय-समय पर इस प्रकार श्रमिकों की मदद करने वाली देश की पहली सरकार है। कोरोना के दौरान भी दिल्ली सरकार ने 2 बार निर्माण श्रमिकों के खातों में 5000-5000 हजार रुपयों की सहायता राशि भेजी थी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली सरकार निर्माण श्रमिकों के साथ हर कदम पर खड़ी है।
श्रमिक देश के रीढ़ की हड्डी है, जो देश को मजबूत करते है। मजदूर खड़े है तो हमारी इमारतें खड़ी है, शहर खड़े है। इसलिए श्रमिकों के सम्मान व हितों का ध्यान रखना हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता है।