कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। महामारी के समय बेड को लेकर मारामारी न हो इसके लिए सरकार होम आइसोलेशन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। साथ ही ये भी सुनिश्चित की जा रही है कि मरीजों को घर पर सही इलाज मिल सके।
अगर किसी मरीज में गंभीर लक्षण दिखता है और उसका ऑक्सीजन स्तर 94 या उससे नीचे आता है तो उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना होगा। होम आइसोलेशन कुल 10 दिनों का होगा। यह तभी खत्म होगा जब मरीज में आखिरी तीन दिनों में किसी तरह के लक्षण नहीं दिखेंगे।
वहीं, राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही दिल्ली सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। ग्रीन से येलो श्रेणी में पहुंची दिल्ली में सोमवार से रात्रि कर्फ्यू रहेगा। रात 11 से सुबह 5 बजे तक यह प्रभावी रहेगा। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही आवागमन की अनुमति होगी।
सूत्रों के अनुसार, रात्रि कर्फ्यू के दौरान दुकानें सुबह 10 से रात 8 बजे तक सम-विषम प्रक्रिया के तहत खोलने का प्रावधान है। सभी रेस्तरां में सुबह 8 से रात 10 बजे तक 50 फीसदी ग्राहकों की अनुमति होती है। इसके अलावा 50 फीसदी क्षमता के साथ सार्वजनिक परिवहन सेवा चलाने का प्रावधान है। दिल्ली सरकार ने शनिवार को रात्रि कर्फ्यू लगाने के संकेत दिए थे।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के ग्रेप नियम के अनुसार कोरोना के मामले येलो स्थिति में आने पर नाइट कर्फ्यू लगाना चाहिए और राजधानी में कोरोना के मामले येलो स्थिति में आ चुके हैं। इसलिए सरकार ने रात्रि कर्फ्यू का निर्णय लिया है। ग्रेप को चार रंगों में दर्शाया गया है। हर रंग के लिए एक अलग एक्शन प्लान और उसकी शर्तें तय की गई हैं।