बता दें कि जेनेरिक दवा वह है जो पहले से ही बाजार में मौजूद हैं, इसे पहले से ही बाजार में बिकने वाली ब्रांड-नाम वाली दवा के जैसे ही बनाया जाता है। यह दवा की शक्ति, खुराक का रूप, सुरक्षा, प्रदर्शन, गुणवत्ता व अन्य विशेषताओं में एक जैसी ही होती हैं।
उदाहरण के लिए पैरासिटामोल एक दवा का सामान्य नाम है, जबकि क्रोसिन इसका ब्रांड का नाम है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत जेनेरिक दवाओं का बड़ा उत्पादक है। यहां बनी जेनेरिक दवाएं 150 देशों में निर्यात की जाती हैं, जो कि आम दवाओं की तुलना में सस्ती होती हैं।