दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक में गलत दवा की देने से 16 बच्चे बीमार पड़ गए। इनमें से तीन की मौत हो गई है। मामला संजीदा होने से दिल्ली सरकार ने कार्रवाई करते हुए तीन डॉक्टरों को नौकरी से निकाल दिया है। वहीं, जांच के लिए चार सदस्यीय एक कमेटी का भी गठन किया है। इसके साथ दिल्ली सरकार ने तीनों डॉक्टरों को लाइसेंस निरस्त करने की अपील दिल्ली मेडिकल काउंसिल से की है।
इससे पहले बीते सात दिसंबर को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार ने दिल्ली स्वास्थ्य विभाग को एक चिट्ठी लिखी। इसमें बताया गया था कि मोहल्ला क्लीनिक में गलत दवा देने की वजह से 16 बच्चे बीमार पड़ गए। इन्हें कलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन बच्चों की मौत भी हुई। यह दवा चार वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं दी जाती है।
महानिदेशक ने तत्काल इस दवा पर रोक लगाने और भंडारण से भी इसे हटाने की अपील की। उन्होंने यहां तक लिखा है कि ओमेगा फॉर्मास्युटिकल कंपनी की ओर से यह दवा डेक्सट्रोमेथार्फन बनाई जा रही है। इसे लेकर केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) भी दिशा निर्देश जारी कर चुका है।
यह चिट्ठी सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई और इसे लेकर दिल्ली सरकार पर विपक्षी दल भी आरोप लगाने लगे जिसके बाद देर शाम स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेस कान्फ्रेंस में अहम जानकारी साझा की।इस बारे में सत्येंद्र जैन ने बतायाय कि इस घटना में अब तक तीन डॉक्टरों को नौकरी से निकाला जा चुका है।