दिल्ली के यातायात में अड़चन बन रहे ई-रिक्शा के लिए दिल्ली सरकार नियम बनाएगी। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सोमवार को सदन को भरोसा दिलाया कि वह परिवहन विभाग व दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त बैठक में इस बारे में चर्चा करेंगे। सरकार ई-रिक्शा के संचालन के नियमित करेगी। इससे पहले सदन में विधायक जरनैल सिंह ने दिल्ली में ई-रिक्शों की संख्या, उन पर दी जा रही सब्सिडी आदि से जुड़े सवाल प्रश्नकाल में उठाया।
जवाब देते हुए गहलोत ने कहा कि फिलहाल दिल्ली में करीब 71,000 ई-रिक्शा पंजीकृत है। जबकि अवैध ई-रिक्शों का आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। सरकार ई-रिक्शा पर 30,000 हजार की सब्सिडी देती है। अभी तक सरकार ने पचास हजार से ज्यादा लोगों को करीब 104 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। वहीं, करीब सात हजार लोगों को सब्सिडी देने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर पूरक सवाल पूछते हुए जरनैल सिंह ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में अवैध रिक्शे चल रहे है। इससे जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। इससे निपटने के सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि यह ट्रैफिक पुलिस का काम है।
विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग ट्रैफिक पुलिस को यातायात चलाने की ताकत देता है। ऐसे में परिवहन विभाग को ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर बेहतर यातायात प्रबंधन पर बात करनी चाहिए। इसके बाद कैलाश गहलोत ने बताया कि ऐसी सड़कों की पहचान पहले ही की गई है, जहां ई-रिक् शा चलाने की इजाजत है। समय-समय पर परिवहन विभाग कार्रवाई भी करता है। बावजूद इसके कैलाश गहलोत ने बताया कि इस बारे में ठोस नीति तैयार करेंगे, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो सके।