नईम और मुनीब से बदला लेने के लिए दानिश, फिरोज और उसके ससुर मेहताब ने दोनों को रास्ते से ही हटाने की योजना बना ली। तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली-अमरोहा के गैंगस्टर अनवर हठेला से फिरोज की नजदीकियां थी। फिरोज ने किसी तरह जेल में उससे संपर्क किया। इसके बाद अनवर हठेला ने नईम और अनवर की सुपारी उठा ली। उसने फिरोज से कहा कि वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली में उसके गुर्गों रवि शर्मा और शुएब खान से संपर्क करे।
अनवर ने दोनों का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाया। रवि व शुएब ने काम हो जाने की गारंटी दी। रवि व शुएब ने ही उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बाकी लड़कों जुटाकर वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। लेकिन ऐन मौके पर नईम व मुनीब ने राहुल को घेर लिया। उसको घिरता देखकर राहुल के साथियों ने अंधाधुन गोलियां चलाई, जिसमें नईम और मुनीब तो बच गए, लेकिन दो राहगीर मारे गए। वारदात सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिरोज जाफराबाद का रहने वाला है। उसकी पहचान अमरोहा के रहने वाले गैंगस्टर अनवर हठेला से थी। अनवर कांट्रेक्ट किलिंग करता था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट, जबरन वसूली के दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज हैं। अनवर ने सुपारी लेकर 23 अक्तूबर 2017 भजनपुरा इलाके में राजा नामक युवक की हत्या कर दी। इसके अलावा चंद दिनों बाद ही आरोपी ने जाफराबाद इलाके में वाजिद नामक युवक को पहले छत से नीचे फेंका। बाद में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अनवर कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा। इसके अलावा यूपी में भी कई वारदात में अनवर शामिल रहा। उसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख व यूपी पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। मार्च 2018 में दिल्ली पुलिस को अनवर के अमरोहा में होने की सूचना मिली। दिल्ली पुलिस व यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने अनवर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। तभी से वह तिहाड़ जेल में बंद है। जेल में बंद होने के बाद भी अनवर अपना गैंग ऑपरेट कर रहा था।