ज्योति की शादी उसकी बड़ी बहन के साथ सत्यवीर से वर्ष 2011 में कर दी गई थी। उस समय ज्योति 15 वर्ष की थी। वर्ष 2016 में इनका गोना हुआ था और ज्योति ससुराल रहने आ गई थी। दोनों की बड़ी चार वर्ष की एक बेटी भी है। बेटे यश की हत्या करने के बाद ज्योति खुदकुशी करना चहाती थी। उसने पंखे से फांसी लगाने के लिए चुन्नी निकाल थी और कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था। मगर आखिरी समय में वह डर गई और खुदकुशी नहीं कर पाई। फिर उसने अपने भाई को परूशराम को फोन कर सत्यवीर को हत्या की वारदात में फंसाने की शादी रची थी।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार सत्यवीर ज्योति को शुरू से पसंद नहीं करता था। इस कारण इनमें आए दिन झगड़ा होता रहता था। कुछ दिन पहले सत्यवीर व ज्योति में झगड़ा हो गया था। दोनों की बातचीत बंद हो गई थी। ज्योति के भाई ने सत्यवीर से पांच-छह लाख रुपये ले रखे थे। वह पैसे नहीं लौटा रहा था। इस कारण सत्यवीर ज्योति से बात नहीं कर रहा था।
ज्योति ने मोबाइल पर मैसेज डालकर सत्यवीर से बात करने की कोशिश की थी। सत्यवीर ने कोई जवाब नहीं दिया। नौ जुलाई को शाम साढ़े छह बजे ज्योति ने सत्यवीर को ऑडियो मैसेज भेजा था। इस मैसेज में बेटे की रोने की आवाज आ रही थ। सत्यवीर ने ज्योति को ब्लॉक कर दिया था। करीब 6.40बजे ज्योति ने यश की हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने गुरूग्राम में रहने वाले भाई को फोन करके बताया कि घर में झगड़ा हो रहा है और सत्यवीर ने बेटे की हत्या कर दी है। गांव वाले पड़ोसी घर पहुंचे तो ज्योति ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर रखा था। गांव वालों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा था।
पुलिस ने सूझबूझ से सुलझाया केस-
परूशराम ने फोन कर गांव वालों व पुलिस को सूचना दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन की देखरेख में इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह व एसआई सतेन्द्र गुलिया ने भी सूझबूझ दिखाई और बाजार आदि के सीसीटीवी फुटेज खंगाली। सत्यवीर ने बताया कि वह आधार कार्ड बनवाने आधार केन्द्र गया था। पुलिस ने आधार केन्द्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो सत्यवीर वहीं मिला। बाजार के भी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके बाद ज्योति को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने ज्योति के मोबाइल को जब्त कर लिया है।