आरोप लगाया गया है कि 27 सितंबर को रामगढ़ ताल निरीक्षक जे. सिंह, फलमंडी पुलिस चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक अक्षय मिश्रा और विजय यादव और तीन अन्य पुलिसकर्मी कथित रूप से होटल के कमरे में घुस गए थे, जहां व्यवसायी अपने दोस्तों के साथ रुका हुआ था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें विवाद के चलते पीटा, जिसके दौरान गुप्ता की मौत हो गई। सीबीआई ने यूपी सरकार के अनुरोध पर दो नवंबर, 2021 को मामला दर्ज किया और 29 नवंबर, 2021 को जांच अपने हाथ में ले ली थी।
तिहाड़ जेल में हैं सभी आरोपी
अदालत ने हालही में आरोपी पुलिसकर्मियों थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह, दारोगा अक्षय मिश्रा समेत सभी छह आरोपियों को तिहाड़ शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। 26 फरवरी को आरोपी राउज एवेन्यू कोर्ट में वर्चुअल तौर पर पेश हुए थे। इस दौरान मृतक मनीष गुप्ता के परिजनों के अलावा सीबीआई टीम भी ऑनलाइन शामिल हुई थी।