दिवाली के बाद हवा की स्थिति चिंताजनक होने के बाद दिल्ली की राजनीति में सियासत गर्म हो रही है। दिल्ली सरकार का मानना है कि भाजपा की आतिशबाजी से दिल्ली में हवा की हालत बिगड़ी है। वहीं, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए कहा है कि दिल्ली के लोगों ने सरकार के प्रदूषण के खिलाफ अभियान में भाग लेकर कम पटाखे जलाए हैं।
गोपाल राय शुक्रवार को आईटीओ के पास लगाई गई एंटी स्मॉग गन का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के लोगों ने जानबूझकर पटाखे जलवाए हैं, जिसके कारण एक्यूआई का स्तर बढ़ा है। इसी वजह से सरकार लोगों और विपक्ष से अपील कर रही थी कि पटाखे ना जलाएं। दिल्ली की बड़ी आबादी ने दिवाली पर पटाखे नहीं जलाए। राय ने कहा कि जब से पटाखा प्रतिबंध करने की घोषणा हुई, तभी से विपक्ष बयान बाजी कर रहा था। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने बयानबाजी की थी कि पटाखे जलाने से कुछ नहीं होता।
दिल्ली में कुछ लोगों ने जानबूझकर जलाए हैं पटाखे
उन्होंने कहा कि दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पिछले सप्ताह एक हजार जगहों पर पराली जलाई जा रही थी। बीते एक दिन में 3500 से अधिक जगह पर पराली जलाई जा रही है। वहीं, दिल्ली में कुछ लोगों ने जानबूझकर पटाखे जलाए हैं, जिसकी वजह से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई है। गोपाल राय के मुताबिक, दिल्ली में पिछले पांच साल में सबसे कम प्रदूषण अक्तूबर के महीने में रहा। नवंबर में पिछले तीन दिनों से लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में एक हजार जगहों पर पराली जलने की घटनाएं सामने आ रही थीं।
नासा के चित्र से सामने आया 3500 से अधिक जगह पर पराली जलने का आंकड़ा
वहीं, गुरुवार को 3500 से अधिक जगह पर पराली जलने का आंकड़ा नासा के चित्र से सामने आया है। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर 20 बड़ी तथा घूमने वाली स्मॉग गन मशीनें लगाने का निर्देश दिया है। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जहां पर प्रदूषण का स्तर ज्यादा है, वहां सरकार द्वारा स्मॉग गन के माध्यम से जगह-जगह पानी के छिड़काव की प्रक्रिया शुरू होगी। बकौल गोपाल राय, पराली जलने की घटनाएं आगामी एक-दो दिनों में बढ़ेगी। एजेंसियों का अनुमान है कि बारिश की वजह से पराली जलना बंद हुई थी, वह अब तेजी के साथ शुरू हुई है।