पर्यावरण मंत्री ने कहा, ''किसानों की गलती नहीं है। उनके खिलाफ कुछ भी गलत कहने का कोई मतलब नहीं है। सरकारों को समाधान निकालना था। हमने यह (पराली जलाने का समाधान) किया है। अन्य राज्यों में इसकी इच्छाशक्ति की कमी है।'' राय ने एक सवाल के जवाब में कहा, ''अगर पंजाब में हमारी सरकार बनती है तो हम पंजाब के हर खेत में बायो-डिकंपोजर का निशुल्क स्प्रे सुनिश्चित करेंगे... जैसा हमने दिल्ली में किया।''
पंजाब में हर साल जलते हैं दो करोड़ टन फसल के अवशेष
इससे पहले उन्होंने पीटीआई को बताया था कि पंजाब में अगर आप सरकार बनी तो राज्य् पराली जलने की घटनाओं से मुक्त हो जाएगा। पंजाब में एक साल में दो करोड़ टन फसल के अवशेष जलते हैं।
बायो-डिकंपोजर से खाद में बदल जाती है पराली
दिल्ली सरकार ने प्रदेश में 8,44 किसानों की लगभग 4,300 एकड़ जमीन में पूसा बायो-डिकंपोजर का निशुल्क स्प्रे करने की व्यवस्था की है। इस बायो-डिकंपोजर से पराली खाद में बदल सकती है। पिछले साल 310 किसानों की 1,935 एकड़ भूमि पर यह उपाय किया गया था। पंजाब में 28.14 लाख हैक्टेयर में धान की खेती होती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल उत्तर प्रदेश 10 लाख एकड़ में, पंजाब पांच लाख एकड़ में और हरियाणा एक लाख एकड़ में बायो-डिकंपोजर का उपयोग कर रहे हैं।