वहीं, केजरीवाल सरकार में राजकुमार आनंद को मंत्री बनने का मौका मिला। आनंद कुछ समय पहले ही भाजपा में शामिल हो गए थे। आनंद के इस्तीफे के बाद से यह सीट खाली है। विधानसभा के गठन के साथ ही 1993 में पटेल नगर सीट अस्तित्व में आई थी। इसकी बसावट मिली जुली है। पटेल नगर के अधिकतर इलाके पॉश क्षेत्र में आते हैं। इसके अलावा नेहरू नगर, आनंद पर्वत, थान सिंह नगर, बलजीत नगर, प्रसाद नगर, न्यू रंजीत नगर, शादी खामपुर, शादीपुर सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कॉलोनियां हैं।
1993 से अब तक सीट का सियासी सफर
वर्ष जीते (पार्टी) हारे (पार्टी)
1993 मेवा राम आर्य (भाजपा) मनोहर अरोड़ा (कांग्रेस)
1998 रमाकांत गोस्वामी (कांग्रेस) मेवा राम आर्य (भाजपा)
2003 रमाकांत गोस्वामी (कांग्रेस) महेश चड्ढा (भाजपा)
2008 राजेश लिलोठिया (कांग्रेेस) अनीता आर्य (भाजपा)
2013 वीना आनंद (आप) पूर्णिमा विद्यार्थी (भाजपा)
2015 हजारी लाल चौहान (आप) कृष्णा तीरथ (भाजपा)
2020 राजकुमार आनंद (आप) प्रवेश रतन (भाजपा)
चारों वार्डों पर आप का कब्जा
पटेल नगर विधानसभा में निगम के चार वार्ड हैं। सभी पर आप का कब्जा है। रणजीत नगर वार्ड से अंकुश नारंग, ईस्ट पटेल नगर वार्ड से शैली ओबेरॉय, फरीदपुरी वार्ड से कविता चौहान और प्रेम नगर-बलजीत नगर वार्ड से रोनाक्षी शर्मा पार्षद हैं।
पटेल नगर में सड़कें टूटी हुईं हैं। सड़कों को बनाने के लिए कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन इस दिशा में उचित काम नहीं हुआ। टूटी सड़कों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। - राजेश कुमार
बलजीत नगर में सीवर टूटे हुए हैं। शनि मंदिर के पास लोगों ने सीवर में गिरने से बचने के लिए लकड़ी के फट्टे लगा रखे हैं। कई बार यह टूट जाते हैं। इस कारण हमेशा अनहोनी होने की आशंका रहती है। - मोहन लाल
क्षेत्र में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। जल बोर्ड को कई बार शिकायत भी दी गई, लेकिन सुधार नहीं हुआ। पानी भी आधे घंटे आता है। ऐसे में लोगों को बाजार से पानी खरीदना पड़ता है। - कासिम खान