2011 का अन्ना आंदोलन आपको ध्यान होगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे और उनकी टीम की तरफ से शुरू किए गए इस आंदोलन का मकसद था कि देश में एक मजबूत जनलोकपाल बनाना। ऐसा लोकपाल, जिसके दायरे में पीएमओ तक आ जाए। उस दौरान अरविंद केजरीवाल भी अन्ना की टीम के सदस्य थे।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2015 में अपने चुनावी घोषणा पत्र के बारे में कहा था, यह दस्तावेज कोई मामूली चुनावी दस्तावेज नहीं है, बल्कि पार्टी की गीता, बाइबिल, कुरान और गुरु ग्रंथ साहिब है। उन्होंने कहा था कि दिल्ली में आप की सरकार बनते ही इन सभी घोषणाओं पर काम किया जाएगा। इन्हें मूल रूप में ही लागू करेंगे।
हमारे लिए दिल्ली जनलोकपाल और स्वराज विधेयक बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये अन्ना हजारे के आंदोलन से निकले मुद्दे हैं। हम एक ऐसा जनलोकपाल चाहते हैं, जिसमें दिल्ली सरकार के सभी अधिकारी, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक भी शामिल हैं, जांच के दायरे में आ जाएं। केजरीवाल ने कहा था, जनलोकपाल बिल के तहत दिल्ली सरकार के सभी अफसरों को अपनी परिसंपत्तियों की सालाना घोषणा करनी होगी। इसके अलावा अघोषित परिसंपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान भी रहेगा।
मंगलवार को जारी पार्टी के घोषणा पत्र में ये दोनों मुद्दे एक और दो नंबर पर हैं। इनके जरिए केजरीवाल दिखाना चाहते हैं कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने का दम रखते हैं, बशर्तें केंद्र सरकार कुछ सहयोग करे। घोषणा पत्र में नंबर एक पर 'दिल्ली जनलोकपाल बिल' लिखा है।
इसमें कहा गया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने तो इसे दिसंबर 2015 में पास कर दिया था। अब यह केंद्र सरकार की ओर से लंबित है। आप सरकार ने तो इसे पास कराने के लिए लगातार संघर्ष किया है। लेकिन केंद्र सरकार इसे मंजूरी नहीं दे रही।
घोषणा पत्र में दूसरे नंबर पर है दिल्ली स्वराज बिल, जिसमें लिखा है कि दिल्ली सरकार ने 2972 मोहल्ला सभाओं को जून 2016 में मंजूरी दे दी थी। यह लोगों को सरकार में शामिल करने की दिशा में पहला चरण था। इस बिल की मदद से लोगों की सरकार में सहभागिता को बढ़ाया जा सकता है।
दिल्ली स्वराज बिल के जरिए मोहल्ला सभाओं को कुछ वित्तीय शक्तियां देने का भी प्रावधान किया गया है। इस घोषणा पत्र में भी ये दोनों बिल केंद्र सरकार की मर्जी पर डाल दिए गए हैं। केजरीवाल का कहना है कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द इन बिलों को मंजूरी दे, ताकि इन्हें लागू कर काम शुरू किया जा सके।