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केजरीवाल ने भाजपा को भेदने के लिए छोड़ा ये खास ब्रह्मास्त्र, शाहीन बाग पर पड़ेगा भारी!

Tue, 04 Feb 2020 04:04 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली चुनाव की वोटिंग में अब चार दिन शेष बचे हैं। सभी दल अपनी रणनीति के तहत चुनाव प्रचार कर रहे हैं। मंगलवार को अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने मोदी-शाह की भाजपा को भेदने के लिए ब्रह्मास्त्र भी छोड़ दिया है।

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अगर 2015 की बात करें, तो उनका ये ब्रह्मास्त्र पूरी तरह कामयाब रहा था। केजरीवाल ने जो चक्रव्यूह बनाया, उसमें भाजपा बुरी तरह फंस कर रह गई। पिछले चुनाव में उन्होंने दिल्ली वालों से कहा था कि भाजपा इतनी बड़ी पार्टी है, लेकिन उनके पास कोई भी सीएम का चेहरा नहीं है। भाजपा किरण बेदी को उनके सामने ले आई।

केजरीवाल बोले, ये तो बैक-फायर करेगा और वही हुआ। इस बार केजरीवाल ने वही ब्रह्मास्त्र छोड़ दिया है। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी है कि वह दिल्ली के सीएम पद का उम्मीदवार घोषित करके दिखाए। बुधवार को इस मुद्दे पर केजरीवाल दोबारा से प्रेसवार्ता कर कोई महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे। आप नेताओं का कहना है कि यह ब्रह्मास्त्र भाजपा के शाहीन बाग और सीएए जैसे मुद्दों पर भारी पड़ेगा।
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2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शुरू से ही सीएम चेहरे को लेकर भाजपा को घेरा था। चाहे भाजपा ने किसी व्यक्ति का नाम घोषित किया या नहीं, लेकिन केजरीवाल ने एक खास रणनीति के तहत उसे अपने पक्ष में भुनाया। चुनाव से दो माह पहले आप की प्रचार टीम कभी विजेंद्र गुप्ता को तो कभी विजय गोयल को केजरीवाल के मुकाबले बताने लगती। आटो पर इसके बैनर भी लगा दिए जाते।

इन बैनर में केजरीवाल के सामने जिस भाजपाई का फोटो लगाया जाता, उसका चयन बहुत समझदारी से होता था। यानी वह फोटो ऐसा होता था कि जिसमें वह नेता मायूस, गुस्से में या वह हार स्वीकार करने वाला लगे। इस कड़ी में आप ने जगदीश मुखी का नाम भी आगे बढ़ा दिया। उनके फोटो भी आ गए। कई दूसरे नेताओं के फोटो भी केजरीवाल संग दिखाई पड़े।

आप ने लोगों के बीच जाकर उन्हें यह यकीन दिला दिया कि भाजपा के पास तो सीएम पद के लिए कोई चेहरा ही नहीं है। चुनाव करीब आ चुका था। भाजपा केजरीवाल के चक्रव्यूह में फंस गई। पार्टी ने किरण बेदी को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसके बाद आप ने लोगों के बीच जाकर यह खबर फैला दी कि देखो दिल्ली भाजपा के पास कोई भी ऐसा नेता नहीं है, जिसे वे सीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर सके। उन्हें बाहर से उम्मीदवार लाना पड़ा।

भाजपा का ये मुद्दा तो बैक फायर कर गया। आम आदमी पार्टी ने इस बैक फायर शब्द को इतनी तेजी से लोगों तक पहुंचाया कि उसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा। खुद किरण बेदी चुनाव हार गईं। केजरीवाल 70 में से 67 सीट जीत गए।

इस बार भी वही ब्रह्मास्त्र

केजरीवाल ने मंगलवार को साफतौर पर कह दिया है कि भाजपा शाहीन बाग से चुनावी फायदा लेना चाहती है। कोई बात नहीं, हम वैसी राजनीति नहीं करते। हालांकि अमित शाह चाहें तो वे दो घंटे में शाहीन बाग का रास्ता खाली करा सकते हैं, लेकिन वे गंदी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा, भाजपा को 24 घंटे का समय देता हूं कि वह दिल्ली के लिए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करे।

उन्होंने कहा, ये क्या बात हुई कि अमित शाह कहते हैं कि चुनाव के बाद सीएम का नाम बताएंगे। बतौर केजरीवाल, ये लोकतंत्र है। यहां खाली चेक नहीं चलता। लोगों को बताना पड़ता है कि वे अपना वोट किसे दे रहे हैं। हमने बता दिया है आप का सीएम कौन होगा।

पिछले चुनाव में भी कई माह पहले ही यह घोषणा कर दी गई थी। अब भाजपा को बताना होगा कि उनका सीएम चेहरा कौन है। मैं उस नेता के साथ बहस करना चाहता हूं। यदि वे नहीं बताते हैं तो बुधवार को मैं फिर प्रेसवार्ता कर बड़ा खुलासा करूंगा। आप नेताओं का कहना है कि भाजपा के पास हमारे ब्रह्मास्त्र की कोई काट नहीं है। यह शाहीन बाग पर भारी पड़ेगा।

 

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