अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि आप नेता अमानतुल्लाह खान पर दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने वक्फ बोर्ड भर्ती घोटाला मामले में जो मामला दर्ज किया है वो पहले से ही सीबीआई में दर्ज मामले से अलग है क्या। वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं को लेकर अमानतुल्लाह खान के खिलाफ सीबीआई ने जो प्राथमिकी दर्ज की थी, उस मामले में मंगलवार को सुनवाई थी।
पटियाला हाउस अदालत स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के सवाल पर जांच अधिकारी ने कहा उसे इस बारे में जानकारी नहीं है कि एसीबी के दर्ज मामले से सीबीआई का मामला अलग है या नहीं। अदालत ने जांच अधिकारी से इसका जवाब देने का निर्देश देेेते हुए सुनवाई 14 अक्तूबर के लिए स्थगित कर दी है।
सीबीआई ने अमानतुल्लाह के खिलाफ जो केस दर्ज किया है, उसके अनुसार वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के कार्यकाल मार्च 2016 से अक्तूबर 2016 के बीच गलत तरीके से वक्फ बोर्ड में कुछ लोगों की भर्ती की गई थी। दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के एसडीएम (मुख्यालय) ने नवंबर 2016 में एक शिकायत दर्ज कराई थी। अमानतुल्लाह पर आरोप लगाया गया था कि वक्फ बोर्ड में स्वीकृत और गैरस्वीकृत पदों पर मनमाने ढंग से नियुक्तियां की गई हैं।
अमानतुल्लाह को एसीबी ने 16 सितंबर को पूछताछ के बाद पांच ठिकानों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। एसीबी वक्फ बोर्ड में कथित घोटाले की जांच कर रही है। ओखला से विधायक अमानतुल्लाह वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हैं।