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Delhi News : डीडीसी ने 7 साल में 70 योजनाओं पर किया बेहतरीन काम, केजरीवाल ने थपथपाई थिंक टैंक की पीठ

Thu, 20 Oct 2022 05:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Delhi : ईवी पॉलिसी, डोर स्टेप डिलीवरी, सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट, हेल्थ इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टर, रोजगार पोर्टल से 10 लाख नौकरियां, राशन के लिए ई कूपन, कोविड महामारी के दौरान एंबुलेंस पहुंचने के समय को 55 से घटाकर 18 मिनट करने सहित कई प्रमुख कार्यों में डायलॉग एंड डेवलेपमेंट कमीशन (डीडीसी) ने अहम भूमिका निभाई है।
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अरविंद केजरीवाल(फाइल) - फोटो : PTI
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विस्तार
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ईवी पॉलिसी, डोर स्टेप डिलीवरी, सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट, हेल्थ इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टर, रोजगार पोर्टल से 10 लाख नौकरियां, राशन के लिए ई कूपन, कोविड महामारी के दौरान एंबुलेंस पहुंचने के समय को 55 से घटाकर 18 मिनट करने सहित कई प्रमुख कार्यों में डायलॉग एंड डेवलेपमेंट कमीशन (डीडीसी) ने अहम भूमिका निभाई है। जटिल नीतिगत चुनौतियों को समाधान पेश कर उसे वास्तविक रूप देने में सहित दिल्ली सरकार की योजनाओं की सफलता का श्रेय भी डीडीसी को जाता है। सात साल पूर होने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली सरकार के थिंक टैंक डीडीसी की पीठ थपथपाई है। 

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मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपने गठन के बाद से डीडीसी ने दिल्ली के विकास में अभूतपूर्व और शानदार कार्य किया है। अलग-अलग प्रोजेक्ट की डिजाइन करने, योजनाओं की निगरानी और कमियों को दूर कर में भी उत्कृष्ट कार्यों का प्रदर्शन किया है। गठन के बाद से अब तक डीडीसी ने 70 से अधिक परियोजना किए हैं। इस मौके पर डीडीसी के उपाध्यक्ष जस्मिन शाह ने कहा कि पिछले 7 वर्षों में डीडीसी का एक ऐसी संस्था के रूप में उदय हुआ है। दिल्ली की जटिल नीतिगत चुनौतियों का समाधान ढूंढ़कर उन्हें वास्तविकता में बदल सकती है।

योजनाओं की सफलता के लिए डीडीसी का गठन
डीडीसी के चेयरमैन अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि  डायलॉग एंड डेवलेपमेंट कमीशन दिल्ली सरकार का एक थिंक टैंक है। हमने एक नया प्रयोग किया था। अक्सर मंत्री और अधिकारी अपनी रोजमर्रा के कार्यों में इतने व्यस्त होते हैं कि नई योजनाओं के बारे में शोध या विशेषज्ञों से उन्हें डिजाइन या परामर्श लेने में भी समय की कमी महसूस होती है। परिपक्वता के बगैर लागू होने वाली योजनाएं असफल हो जाती हैं। इसी कमी को पूरा करने के उद्देश्य से सात साल पहले डीडीसी का गठन किया गया। 
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यह देखने में आया है कि दिल्ली सरकार की तमाम योजनाएं सफल होती हैं। कई सरकारों में ऐसा देखा गया है कि योजना तो अच्छी पेश की जाती हैं लेकिन जमीन पर उतरने पर असफल हो जाती हैं।  योजनाओं की सफलता का श्रेय डीडीसी को : सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार की ज्यादातर योजनाएं और परियोजनाएं सफल होती हैं। इसके बहुत बड़ा श्रेय मैं डीडीसी को देना चाहता हूं। इसकी वजह तीन स्तरों पर काम करना है। योजना या प्रोजेक्ट को डिजाइन करते के बाद विशेषज्ञों समेत सभी हितधारकों के साथ इस पर बातचीत करना है। उनपर नजर रखते हुए कमियों को  दूर किया जाता है। सात वर्ष में डीडीसी ने 70 से ज्यादा बड़े-बड़े परियोजनाओं को लागू किया है। 

कोरोना के दौरान 18 मिनट में पहुंचाने का किया काम
कोरोना के समय कैट्स एंबुलेंस को फोन करने के बाद पहुंचने में कम से कम 55 मिनट का वक्त लगता था। डीडीसी ने इसके लिए पूरी प्रणाली को नए सिरे से विकसित किया। इसके लिए नई एंबुलेंस खरीदी गई और एंबुलेंस पहुंचने का वक्त 55 मिनट से घटकर 18 मिनट तक पहुंचाने में डीडीसी का बहुत बड़ा योगदान रहा।

फ्री राशन के लिए दिया ई-कूपन का विकल्प 
कोरोना के समय हम लोगों ने एक योजना शुरू की गई थी। जिनके रोजगार खत्म हो गए और घर में खाने के लिए पैसे भी नहीं थे। हम यह चाहते थे कि कोई भी भूखा ना रहे। कार्ड धारकों को दुकानों पर राशन मिल रहा था लेकिन जिनके पास राशन कार्ड नहीं था उन्हें भी फ्री राशन देने के लिए दिल्ली सरकार ने योजना को लागू किया। इसमें कई चुनौतियां थीं, बावजूद इसके डीडीसी ने ई-कूपन का विकल्प दिया। इसकी लगातार निगरानी की गई। 

ईवी पॉलिसी की हर तरफ हो रही तारीफ
दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पॉलिसी की दुनिया भर में खूब तारीफ हो रही है। डीडीसी ने एक से डेढ़ साल तक सभी हितधारकों, विशेषज्ञों के साथ परामर्श किया है। पॉलिसी की सफलता के कारण दो वर्ष में दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों    की खरीद में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

न्यूयॉर्क, लंदन और टोक्यों से भी घना है दिल्ली में सीसीटीवी का नेटवर्क
पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे का बहुत बड़ा नेटवर्क है। कहा जा रहा है कि दिल्ली ने न्यूयार्क, वाशिंगटन, लंदन, टोक्यो जैसे विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। सीसीटीवी कैमरों का घना नेटवर्क दुनिया के शायद ही किसी शहर में है। इसे डीडीसी ने डिजाइन किया। मुख्यमंत्री ने कहा दिल्ली में डॉर्क स्पॉट जहां रात में अंधेरा होता था, वहां स्ट्रीट लाइट लगाना चाहते थे। कई जगहों पर खंभा लगाने की जगह नहीं थी, इस समस्या को दूर करने के लिए डीडीसी ने एक नया मॉडल पेश किया। हम लोगों के घरों के पर स्ट्रीट लाइट लगाएंगे और उनके घर से ही बिजली    का कनेक्शन लेंगे और बिजली का पूरा खर्चा उनको वापस कर देंगे। इसके बाद पूरी दिल्ली के अंदर स्ट्रीट लाइट का बहुत बड़ा नेटवर्क बन गया है। 

रिपोर्ट का किया अनावरण
जस्मिन शाह ने एक ट्वीट में कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीडीसी दिल्ली के 7 साल पूरे होने पर एक रिपोर्ट का अनावरण किया। यह रिपोर्ट एक अभूतपूर्व विंडो प्रदान करती है। पिछले 7 वर्षों में दिल्ली के सामने आने वाली महत्वपूर्ण नीतिगत समस्याओं को  हल करने के लिए करीब 70 योजनाओं और परियोजनाओं को अमली जामा पहनाया गया। 

स्कूल ठीक करने के मामले में हमारा उपयोग करें प्रधानमंत्री : सीएम 
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के एक स्कूल में जाने पर चुटकी ली है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्हें स्कूल ठीक करने आते हैं। इस मामले में आप हमारा उपयोग करें और हम सब मिलकर देश के सारे स्कूलों को ठीक करते है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में गुजरात में प्रधानमंत्री के एक्सीलेंस स्कूल का उद्घाटन किए जाने पर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के एक स्कूल में जाने, एक बच्चे के साथ क्लासरूम में बैठने और अपने भाषण में भी शिक्षा और सरकारी स्कूलों की दशा पर काफी कुछ बोलने पर वह बेहद प्रसन्न है, क्योंकि 75 साल बाद ही       सही, देश के सरकारी स्कूलों की हालत और गरीबों की शिक्षा आज राजनीति की मुख्य चर्चा बनी हुई है। 

वह आम आदमी पार्टी की अभी तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते है कि उसने सारी पार्टियों और नेताओं को शिक्षा के ऊपर बात करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 27 साल से गुजरात में भाजपा का शासन है और भाजपा सरकारी स्कूल ठीक नहीं कर पाई। दिल्ली में हमने मात्र पांच साल में सरकारी  स्कूलों को शानदार बना दिया। 

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