नई दिल्ली। अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे से जुड़े मामले में गिरफ्तार गुलफिशा फातिमा की वैधानिक जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। पुलिस द्वारा निर्धारित समय में जांच पूरी न करने पर आरोपी ने वैधानिक जमानत देने का आग्रह अदालत से किया था। वहीं निचली अदालत द्वारा मामले की जांच पूरी करने के लिए पुलिस को दिए गए अतिरिक्त समय के फैसले को भी आरोपी ने चुनौती दे रखी है।
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने वैधानिक जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसलिए इसे खारिज किया जाता है। फातिमा ने वैधानिक जमानत याचिका में कहा कि मामले की जांच कर रही स्पेशल सेल ने निर्धारित समयावधि के भीतर आरोपपत्र दाखिल नहीं किया। इसलिए उसे जमानत प्रदान की जाए।
अपराध शाखा ने 6 मार्च को आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। फातिमा को 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में उस पर यूएपीए की धारा भी लगाई गई हैं। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में खालिद, इशरत जहां, ताहिर हुसैन, मीरान हैदर, नताशा नरवाल, देवांगना कलीता, आसिफ इकबाल तनहा और शफा उर रहमान शामिल हैं।