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दिल्ली में धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश: कलीम के मोबाइल से मिले पांच व्हाट्सएप ग्रुप, ऐसे चलता था पूरा खेल

Mon, 12 Jun 2023 08:40 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कथित धर्मांतरण की धमकी की प्राथमिकी पर डीसीपी सेंट्रल दिल्ली संजय कुमार सैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं।
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डीसीपी सेंट्रल दिल्ली संजय कुमार सैन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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12 जून चांदनी महल के तुर्कमान गेट स्थित रैन बसेरे में जबरन धर्मांतरण करवाने के प्रयास के मामले में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि आरोपी कलीम के मोबाइल की जांच में उसके व्हाट्सएप पर पांच ग्रुप मिले हैं। उसमें एक धर्म विशेष के प्रचार-प्रसार से संबंधित वीडियो व अन्य सामग्री मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में मौजूद है। जरूरत पड़ने पर जल्द ही उसे पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि कलीम के बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है। इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं धर्मातरण के लिए उसे विदेशों से फंडिंग तो नहीं हो रही थी।

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आरोपी है कि साल 2019 के दौरान मोहम्मद कलीम नाम के शख्स ने संदीप सागर नाम के शख्स पर धर्म परिवर्तन का लागातार दबाव बना रहा था। कथित धर्मांतरण की धमकी की प्राथमिकी पर डीसीपी सेंट्रल दिल्ली संजय कुमार सैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं। पता चला है कि जिस व्यक्ति का संदर्भ हुआ था वह पहले हिंदू था। लेकिन अब वह मुस्लिम बन गया है। पता चला है कि इस शख्स को परिवार ने घर से बाहर निकाल दिया था। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा भी होगा। कलीम नाम का शख्स संदीप को लागातार लालच दे रहा था। पैसा, नौकरी और शादी के लिए मदद करने को कहता था।
 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिकायतकर्ता संदीप सागर ने आरोप लगाया था कि कलीम ने कई लोगों को बहला-फुसलाने के अलावा लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन करा दिया। उसमें एक व्यक्ति जिसका नाम संजीव उर्फ अब्बास है, उसके संपर्क में है। संजीव फिलहाल अपने परिवार से अलग रह रहा है। संजीव से भी बातचीत की जा रही है। वहीं पुलिस को दी अपनी शिकायत में संदीप ने यह भी आरोप लगाया था कि उसने जब कलीम की बात नहीं मानी तो आरोपी ने उसके खिलाफ कमला मार्केट थाने में इसी साल अप्रैल माह में मोबाइल फोन और कैश लूटने का मामला दर्ज कराा दिया था। आगे वह कहता था कि यदि वह उसकी बात नहीं मानेगा तो वह उसके खिलाफ दूसरा मामला दर्ज करा देगा।
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पुलिस संदीप के सभी आरोपो की नए सिरे से जांच कर रही है। वहीं छानबीन में पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया पर नए-नए लोगों से दोस्ती करने में बहुत रूचि रखता था। दोस्ती करने के बाद वह उनको अपने धर्म विशेष से जुड़ी सामग्री भेजता था। बता दें कि मूलरूप से बाराबंकी का रहने वाला कलीम पेश से इंजीनियर है। नोएडा के एक संस्थान से उसने वर्ष 2015 में बीटेक किया था। इसके बाद उसने दो साल तक नौकरी भी की। लंबे समय से वह अपने परिवार से भी संपर्क में नहीं था। संदीप की शिकायत के बाद चांदनी महल थाने में नौ जून को कलीम के खिलाफ धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने औ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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