पुलिस को पता लगा कि विज्ञापन कंपनी के माध्यम से समाचार पत्र में विज्ञापन दिया गया था। पता लगा कि ठगी की रकम वाराणसी के एक बैंक खाते में भेजी गई है। इन बैंक खाते से रकम को वाराणसी में स्थित दूसरे बैंक खातों व फर्जी पेटीएम में ट्रांसफर किया गया है। जांच के बाद इंस्पेक्टर अजय दलाल ने जालसाज मोती नगर, दिल्ली निवासी मुकेश कुमरा को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी आईडी पर करता था सारे काम
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फर्जी आईडी का इस्तेमाल करता था। उसने अखबार में विज्ञापन देने वाली विज्ञापन कंपनी को विज्ञापन देते समय फर्जी पता दिया था। आरोपी ने मोबाइल भी फर्जी आईडी पर ले रखे थे। हर जगह वह फर्जी आईडी का इस्तेमाल करता था।
आरोपी ऐसे करता था ठगी
आरोपी ने बताया कि पहले वह लोन वसूली एजेंसी में काम करता था। लोन रिकवरी एजेंट के तौर पर काम करते हुए उसे ठगी का आइडिया आया था। इसके बाद वह नामी बैंकों से सस्ती ब्याज दरों पर कर्ज दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगने लगा। ज्यादा से ज्यादा एरिया कवर करने के लिए वह अखबार में विज्ञापन छपवाता था। ये बैंक का कानूनी सलाहकार या मैनेजर बनकर कर्ज पास कराने के नाम पर जरूरतमंद लोगों से बात करता था। इसके बाद कर्ज देने के लिए अलग-अलग चार्ज के बहाने उनसे पैसे मांगता था। ठगी की रकम रखने व उसे ट्रांसफर करने के लिए अन्य राज्यों में फर्जी बैंक खाते खुलवा रखे थे।