दिल्ली में बढ़ते कोरोना का देखते हुए बजट सत्र के पांचवें दिन विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। आज के विधानसभा में बजट पर चर्चा हुई जिसमें आतिषी से से लेकर तमाम विधायकों ने अपनी बात रखी।
आतिशी, सत्ता पक्ष
सात साल से लगातार दिल्ली सरकार का शिक्षा पर फोकस रहा है, पहली बार एक चौथाई बजट शिक्षा के लिए रखा गया है। यह ऐतिहासिक बजट है। पहले सरकारी स्कूलों की हालत खराब थी, क्रांतिकारी बदलाव पर दुनिया भर में चर्चा है। देशभक्ति पाठ्यक्रम जरूरी है।
राजकुमारी ढिल्लों, सत्ता पक्ष
महिलाओं के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। महिलाएं मोहल्ला क्लीनिक से खुश हैं, महिलाओं का सम्मान।
पवन कुमार शर्मा, सत्ता पक्ष
निजी स्कूलों से नाम कटाकर सरकारी में आ रहे हैं, यहां शिक्षा बेहतर हो रही है।
संजीव झा, सत्ता पक्ष
दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे डॉक्टर ओर इंजीनियर बन रहे हैं। गरीब का बच्चा भी, पहले कमाई का आधा खर्चा शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च होता था। सरकार जिम्मा ले तो यह बचत होती है, रामराज्य की अवधारणा को सैल्यूट करता हूं। ऐतिहासिक पर्व का भागीदार।
मदनलाल, सत्ता पक्ष
जनता के लिए दरवाजे खुले हैं। जनता के लिए जरूरी काम हो रहा है। महिला मोहल्ला क्लीनिक के लिये धन्यवाद।
विजेंद्र गुप्ता, विपक्ष
विजेंद्र गुप्ता ने शिक्षा के मॉडल पर सवाल उठाए। कुछ भी लिख दो नंबर मिलेगा। डीएसयू मर्ज करके बनाया गया, एनएसयूपी, शिक्षा का व्यवसायीकरण किया गया। फीस बढ़ा दी गई, गरीब का बच्चा प्रवेश नहीं ले सकता। उच्च शिक्षा का निजीकरण सरकार कर रही है। मुफ्त वैक्सीनेशन की बात बजट में कही गई है, जबकि केन्द्र सरकार पहले से ही कर रही है। भ्रष्टाचार की बू आती है। दिल्ली के फरिश्ते योजना की जांच होनी चाहिए। भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। बिना एक्सीडेंट के इलाज हो रहा है। लोकल बाडी से वसूलने का प्रावधान रखा है। निगम की सरकार है। चुनावी हथकंडे मत अपनाइये।
राजेन्द्र गौतम, मंत्री
स्कूलों में बच्चों के अंदर देशभक्ति, देश से प्यार हो, इस बजट के लिये धन्यवाद, केवल दिल्ली नहीं, देश के लिए ऐतिहासिक बजट।