निगम के स्कूलों के लिए ग्रांट इन ऐड के तहत इस साल 1700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत पहली तिमाही के लिए बृहस्पतिवार को 400 करोड़ रुपये जारी किए गए। मेयर शैली ओबरॉय के साथ संवाददाता सम्मेलन में शिक्षा मंत्री आतिशी ने यह जानकारी दी।
आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार हर बच्चे को शानदार शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में स्कूलों को भी शानदार बनाया जाएगा। एमसीडी स्कूलों का काम पहली से 5वीं तक के बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है। इस ओर काम करते हुए अब एमसीडी के स्कूलों में पढ़ने वाले दिल्ली के नौ लाख बच्चों को शानदार शिक्षा दी जाएगी। वहीं, मेयर ने कहा कि निगम के स्कूल बहुत ही जर्जर स्थिति में हैं। इन्हें मरम्मत की बेहद जरूरत है। निगम के स्कूल बहुत सी कमियों से जूझ रहे हैं।
स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों का अभाव है। बच्चों के लिए डेस्क नही हैं। कई स्कूलों में शौचालयों की व्यवस्था नहीं है तो कहीं पेयजल नहीं है। यह फंड आवंटित होने से स्कूलों में सुधार लाने में बहुत मदद मिलेगी। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के तर्ज पर ही एमसीडी के स्कूलों को भी विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।
निगम को स्कूल सुधार फंड देने का दावा भ्रामक : भाजपा
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी का दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में सुधार के लिए 1700 करोड़ रुपये का फंड देने का दावा भ्रामक है। दिल्ली सरकार ने निगम स्कूलों के सुधार के लिए किसी तरह का विशेष फंड नहीं दिया है। 1700 करोड़ रुपये देने की बात उन्होंने की है वह प्लान हेड फंड है और जो 400 करोड़ जारी करने की बात कही है, वह आर्थिक वर्ष की पहली तिमाही की किस्त है जो हर वर्ष अप्रैल में देनी होती है।