अगले माह तक सड़कों पर करीब 200 इलेक्ट्रिक बसें उतारी जाएंगी। इससे बसों की कमी से जूझ रहे दिल्ली के लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन व जीपीएस समेत कई सुरक्षा सुविधाएं होंगी।
राजधानी में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अगले माह तक सड़कों पर करीब 200 इलेक्ट्रिक बसें उतारी जाएंगी। इससे बसों की कमी से जूझ रहे दिल्ली के लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन व जीपीएस समेत कई सुरक्षा सुविधाएं होंगी।
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दिल्ली परिवहन विभाग (डीटीसी) की एक टीम ई-बसों के लिए कर्नाटक गई थी। अब इन बसों के पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। बसें आने के बाद भी जरूरी प्रक्रिया पूरी इन्हें सड़कों पर उतार दिया जाएगा। जी 20 की बैठक से पहले डीटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने को लेकर बड़ी घोषणा की गई है।
ये बसें नई इलेक्ट्रिक बसों के 1,500 के बेड़े में से पहली 200 बसें होंगी, जिन्हें 2023 के अंत तक परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल किया जाना है। इसके बाद यात्रियों को इन बसों की सुविधा मिलने लग जाएगी।
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डीटीसी के सूत्रों ने बताया कि जुलाई के दूसरे सप्ताह तक इन बसों को सड़कों पर उतार दिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 1,800 हो जाएगी। शहर की सड़कों पर 7379 बसें चल रही हैं, जिसमें डीटीसी 4060 बसें चलाती है और क्लस्टर 3,319 बसें चलती हैं। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई बसों के लिए बनाए जा रहे डिपो का काम भी लगभग पूरा हो गया है।
ऐसे होंगे अत्याधुनिक बस डिपो
अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो में बसें चार्ज भी हो सकेंगी। ऐसे सात डिपाे तैयार हो गए हैं, जहां 745 बसें खड़ी हो सकती हैं, वहीं 755 बसें खड़ी हाेने के लिए छह डिपो बनाने का काम अंतिम चरण में है। जिसमें हसनपुर डिपो, सुखदेव विहार, कालकाजी, नारायणा व सावदा घेवरा डिपो शामिल है।