लालकिला देखने की चाहत में 12 साल का एक बच्चा अपनी साइकिल से ही उत्तम नगर से 26 किलोमीटर का सफर तय कर यहां पहुंच गया। शाम होने पर वह पुरानी दिल्ली की चहल पहल में खो गया और अपने घर का रास्ता भूल गया। ऐसी स्थिति में भी बच्चे ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पुलिस से मदद मांगी। पुलिस की मदद से वह अपने घर पहुंच गया।
वहां पहुंचने पर बच्चे के पिता ने पुलिसकर्मी को बताया कि पिछले महीने भी वह अपनी साइकिल लेकर घर से निकल गया था। परिवार ने उसके गायब होने की शिकायत पुलिस से की थी। इस बार भी रात तक उसके घर नहीं पहुंचने पर परिवार थाने में इसकी शिकायत करता।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला 23 नवंबर का है। शाम में 12 साल का बच्चा लालकिला के पास खड़ी पीसीआर वैन के पास पहुंचा। वह काफी घबराया हुआ था। वैन में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे शांत करवाया और उससे पूछताछ की जिसमें बच्चे ने बताया कि वह लाल किला देखने के लिए उत्तम नगर के नवादा स्थित अपने घर से साइकिल से यहां पहुंच गया। लेकिन वापस जाने के लिए उसे सही रास्ता का पता नहीं है।
उसने कहा कि उसका घर उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन के पास है और घर के पास एक स्कूल है। बच्चे के मिलने की जानकारी मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और बच्चे को लेकर थाने गए। उसने बताया कि वह लालकिला के बारे में सुन चुका था लेकिन सोचा नहीं था कि वह वहां तक पहुंच जाएगा।
थाना प्रभारी ने सिपाही विनय वासला को बच्चे को उसके घर तक सुरक्षित छोडने का काम सौंपा। बच्चे ने बताया कि वह उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन से अपने घर जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घर पर उसके परिवार वाले उसका इंतजार कर रहे थे। बच्चे को पाकर उन लोगों ने पुलिस के काम की तारीफ की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बच्चे के पिता चित्रकार हैं और बच्चा अपने दादा-दादी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ किराए के मकान में रहता था।