उच्च न्यायालय ने डीडीए को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि संजय वन में कोई अनधिकृत निर्माण न हो। अदालत ने ड्रोन के माध्यम से समय-समय पर हवाई सर्वेक्षण करके क्षेत्र की निगरानी करने का भी निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने यह निर्देश दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा पेश रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद दिया कि उसने पार्क में सभी संरचनाओं की जियो टैगिंग की है और ड्रोन के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण भी किया है और पाया कि क्षेत्र में कोई अनधिकृत निर्माण या अतिक्रमण नहीं है।
खंडपीठ ने डीडीए और पुलिस द्वारा पेश रिपोर्ट पर संतोष जताते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में पार्क में किसी भी प्रकार से अनधिकृत निर्माण या अतिक्रमण न हो और यदि हवाई सर्वेक्षणों में कोई खुलासा होता है कि अनाधिकृत निर्माण हो रहा है तो उसे कानून के अनुसार हटाया जाए। अदालत ने इसी के साथ मामले का निपटारा कर दिया।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया था कि पार्क में जो निर्माण है वह काफी पुराना है और कोई भी नया निर्माण नहीं हुआ। संजय वन दक्षिणी दिल्ली में वसंत कुंज और महरौली के पास एक विशाल शहरी वन क्षेत्र है। यह 443 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। अदालत ने हाल ही में इस क्षेत्र में कथित अतिक्रमण दिखाने वाले दो सोशल मीडिया वीडियो का संज्ञान लेने के बाद रिपोर्ट मांगी थी।