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Cyber Crime : राजधानी में साइबर ठगी ने पकड़ी रफ्तार, दिल्ली पुलिस को रोज मिल रही हैं 650 शिकायतें

Mon, 06 Mar 2023 04:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट (आईएफएसओ) के पास हर दिन औसत 650 शिकायतें आती हैं। देश के दूरदराज इलाकों में बैठे साइबर ठग हर रोज नए तरीके से वारदात अंजाम देते है।
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साइबर क्राइम(सांकेतिक)
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विस्तार
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डिजिटल होने के साथ ही देशभर में साइबर ठगी के मामलों में जमकर बढ़ोतरी हुई है। यही वजह है कि दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट (आईएफएसओ) के पास हर दिन औसत 650 शिकायतें आती हैं। देश के दूरदराज इलाकों में बैठे साइबर ठग हर रोज नए तरीके से वारदात अंजाम देते है। भोले-भाले लोग इन शातिरों के जाल में फंसकर न सिर्फ अपनी गाढ़ी कमाई गंवाते हैं, बल्कि भारी मानसिक प्रताड़ना से गुजरते हैं। कई मामलों में कुछ लोग परेशान होकर जान भी दे चुके हैं। यही वजह है कि दिल्ली पुलिस साइबर ठगी के मामलों को लेकर बहुत गंभीर है। 

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हर जिले में एक साइबर थाना बनाया गया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ जालसाजों पर नकेल कस रही है। आईएफएसओ यूनिट ने एक स्टडी कर मोटे तौर पर साइबर ठगी के 13 तरीकों को वर्गीकृत किया है। आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि ज्यादातर वारदात इनके ही ईदगिर्द घूमती हैं। देशभर में सबसे ज्यादा फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की जाती है।

लोगों से पैसे ऐंठने के 13 पैंतरे
1. फर्जी वेबसाइट बनाकर बेरोजगारों से ठगी : नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठग लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा दूसरे मदों में रुपये वसूल लेते हैं। बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए जाते हैं। जब पीड़ित नौकरी ज्वाइन करने के लिए जाता है तो उसे ठगी का पता चलता है।
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2. सेक्सर्टोशन: सोशल मीडिया के जरिये आरोपी अकाउंट हैक कर लेते हैं। इसके बाद पर्सनल डाटा को चुराकर उनकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर ब्लैकमेल किया जाता है। इसके बदले मोटी रकम मांगी जाती है। रुपये न देने पर आरोपी डाटा से चुराए गए रिश्तेदारों के नंबरों पर गंदी तस्वीरों के अलावा फर्जी वीडियो भेज देते हैं।
३. व्हाट्सएप : आरोपी किसी बड़े अधिकारी, नेता या फिर रिश्तेदार की फोटो लगाकर वारदात करते हैं। नेता या अधिकारी की फोटो लगाकर किसी काम को करवाने का दबाव बनाया जाता है जबकि रिश्तेदारों को परेशानी होने की बात कर मदद के लिए मैसेज कर रुपये मांगे जाते हैं।
4. डेटिंग एप : डेटिंग एप से पहले किसी लड़के या लड़की से दोस्ती की जाती है। इसके बाद महंगे तोहफे भेजने के नाम पर वसूली शुरू की होती है। कई बार परेशानी का हवाला देकर भी रुपये मांगे जाते हैं। मासूम लोग जाल में फंसकर रुपये दे देते हैं।
5. हर्बल और दवा या बीज के नाम पर : आरोपी सोशल मीडिया पर हर्बल और दवा या बीज के नाम पर मोटे मुनाफे का सपना दिखाते हैं। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए कुछ महंगी दवाइयां कम दाम पर भेजी जाती हैं। इसके बाद मोटी रकम लेने के बाद संपर्क तोड़ दिया जाता है।
6. क्रिप्टो करेंसी : सोशल मीडिया या फिर ईमेल के जरिये आरोपी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का झांसा देते हैं। निवेश के बदले मोटे मुनाफे का सपना दिखाया जाता है। इसके बाद लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर नंबर को ब्लॉक कर दिए जाते हैं।
7. बिजली के लंबित बिल: आरोपी बिजली कटवाने के नाम पर ठगी करते हैं। लंबित पड़े बिजली के बिलों को लिंक भेजकर जमा करने के लिए कहा जाता है। बिजली के पुराने बिलों में छूट भी देने की बात की जाती है। लिंक पर क्लिक करते ही अकाउंट को हैक कर पैसे उड़ा लिए जाते हैं।
8. केवाईसी अपडेट: ई-कॉमर्स खातों के अलावा बैंक के केवाईसी कराने के नाम पर लोगों को लिंक भेजे जाते हैं। केवाईसी न कराने पर खातों को बंद करने की धमकी दी जाती है। केवाईसी ऑनलाइन ही करने की बात कर लिंक पर क्लिक करवाया जाता है। क्लिक करते ही खाते साफ कर दिए जाते हैं।
9. फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट: जरूरत का सामान कम दामों पर बेचने के लिए ऑफर दिया जाता है। लोग ठगों की वेबसाइट पर जाकर सामान के दाम को चुका देते हैं, लेकिन रुपये लेने के बाद भी सामान नहीं भेजा जाता है।
10. लोन एप्लिकेशन : लोग सबसे अधिक इसमेंं फंसते हैं। आरोपी मिनटों में लोन के बदले छोटी रकम भेज देते हैं। इसके बाद उसे वापस करने के दौरान मोटी रकम मांगी जाती है। रुपये न देने पर ब्लैकमेल करते हैं। लोन एप्लिकेशन डाउनलोड करते समय के दौरान कई चीजों की अनुमति मांगी जाती है। इससे सारा डाटा आरोपी के पास चला जाता है।
11. फर्जी जीवन प्रमाणपत्र : आरोपी ज्यादातर रिटायर हो चुके लोगों को निशाना बनाते हैं। रिटायर हो चुके व्यक्ति को पेंशन प्राप्त करने के लिए हर साल जीवन प्रमाणपत्र देना होता है। आरोपी ऑनलाइन इसे देने का झांसा देकर पीड़ितों को ठगते हैं।
12. टेक्निकल सपोर्ट : इसमें विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया जाता है। लोगों को ऑनलाइन काम के लिए टेक्निकल सपोर्ट की जरूरत होती है। इसके लिए वह ऑनलाइन मदद सर्च करते हैं। ऐसे में आरोपी फर्जी कॉलसेंटर बनाकर मदद के नाम पर ठगी करते हैं। इसके बदले मोटी रकम ठगी जाती है।
13. बीमा पॉलिसी : बंद बीमा पॉलिसी को चालू करने या इंश्योरेंस पॉलिसी का कम प्रीमियम चुकाने के नाम पर ठगी की जाती है। पीड़ितों से अलग-अलग मदों में रुपये वसूले जाते हैं। इसके बाद नंबरों को ब्लॉक कर दिया जाता है।

मेवात-भरतपुर से ठगी
.सेक्सर्टोशन, ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिये, किसी बड़ी कंपनी का फर्जी प्रतिनिधि बनकर, व्हाट्सएप पर परिवार का करीबी बनकर ठगी

जामताड़ा से होती ऐसे होती है जालसाजी

  • केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर ठगी
  • बैंक अधिकारी बताकर ठगी
  • फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ठगी
  • फर्जी ईमेल, एसएमएस भेजकर लोगों को लुभावने ऑफर देने की बात कर ठगी

इस तरह सबसे ज्यादा ठगी

  • व्हाट्सएप पर बड़ा नेता या अधिकारी बनकर मदद करने या दबाव बनाने के नाम पर ठगी
  • व्हाट्सएप पर अमेजन के गिफ्ट कार्ड का लालच देकर ठगी
  • लोन एप्लिकेशन के नाम पर ठगी
  • सेक्सर्टोशन के नाम पर ठगी

हेल्पलाइन की लाइनें बढ़ाकर 10 की जाएंगी

आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि शिकायतों को वर्गीकृत किया जाता है और उसके बाद निगरानी रखी जाती है। निगरानी व वर्गीकृत करने के लिए अलग से टीम बनाई गई है। इसके अलावा ठगी की रकम को जालसाज की जेब में जाने से रोकने के लिए बनाई गई हेल्पलाइन की लाइनें 10 की जा रही हैं। अभी चार लाइनें हैं।

साइबर सुरक्षा और कानून की शिक्षा स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल हो
साइबर सिक्यूरिटी एक्सपर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डॉक्टर पवन दुग्गल ने बताया कि साइबर सुरक्षा और साइबर कानून की शिक्षा स्कूल के पाठ्यक्रम में पहली कक्षा से ही शामिल करने की आवश्यकता है। इंटरनेट के बढ़ते चलन के साथ ही भारत में साइबर सुरक्षा का खतरा बढ़ रहा है। साइबर सुरक्षा को जीवन का अहम अंग बनाकर ही लोग साइबर अपराध का शिकार होने से बच सकते हैं। साल 2025 तक 90 करोड़ इंटरनेट यूजर होंगे। 

भारत में अब अलग से साइबर सुरक्षा मंत्रालय की जरूरत है। साइबर सुरक्षा का आयाम बहुत बड़ा हो गया है, सुरक्षा की जरूरत हर भारतीय को है। देश में रैनसमवेयर, मैलवेयर और फिशिंग अटैक जैसे साइबर हमले बढ़ रहे हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं है। आम आदमी को भी इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल करना चाहिए।

साइबर एक्सपर्ट मोहित यादव के मुताबिक कुछ बातों का ध्यान रखकर ठगों के चंगुल में फंसने से बचा जा सकता है। लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही, किसी को भी ओटीपी ने दें।

इन बातों का खें ध्यान...

  • किसी भी लिंक पर क्लिक न करें
  • अनजान व्हाट्सएप वीडियो पर बात न करें
  • एचटीटीपीएस वाले वेबसाइट पर ही अपनी जानकारी शेयर करें
  • फर्जी वेबसाइट पर खरीदारी न करें
  • गूगल के जरिए कस्टमर केयर का नंबर लेकर फोन न करें
  • फ्री में सामान देने की जानकारी वाले मैसेज से बचे
  • खासकर महिलाओं को व्हाट्सएप पर फोटो वीडियो शेयर नहीं करने चाहिए
  • किसी भी साॅफ्टवेयर को इंस्टॉल करने से पहले परमिशन की जानकारी को पढ़ लें
  • मेल पर आने वाले अज्ञात जानकारी को खोलने से बचे
  • लॉटरी वाले कॉल और मैसेज पर ध्यान नहीं देना चाहिए
  • अज्ञात लोगों से चैट करने से बचे
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