मध्य जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि पिछले काफी दिनों से दिल्ली-एनसीआर में क्रेटा, फॉर्च्यूनर और कीया-सेल्टोस चोरी हो रही थीं। जिले के एएटीएस इंचार्ज एसआई संदीप गोदारा व अन्य की टीम इसकी जांच कर रही थी। 19 अक्तूबर 2021 को टीम ने गैंग को राजेंद्र नगर इलाके में घेर लिया। बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोली चलाई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में टीम ने मेरठ निवासी साजिद बदमाश को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। उस समय इश्तियाक और आकिल वहां से फरार होने में कामयाब हो गए थे।
एसआई संदीप गोदारा की टीम लगाकर बदमाशों की तलाश कर रही थी। इस बीच शुक्रवार को टीम को पता चला कि इश्तियाक व उसका गैंग सोनीपत में है। टीम फौरन वहां पहुंची, लेकिन वह निकलने में कामयाब हो गया। इसके बाद शनिवार तड़के टीम को पता चला कि आरोपी रानी झांसी रोड पर आने वाले हैं। पुलिस की टीम ने आरोपियों की घेराबंदी की तो कीया कार सवार बदमाश पुलिस टीम पर गोली चलाकर फरार होने लगे।
बदमाशों ने पुलिस पर चला दी गोली
बदमाशों ने तीन राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस की ओर से चलाई गई एक गोली इश्तियाक की टांग में लगी। दोनों को काबू कर लिया गया। इनके पास से दो पिस्टल, कार के अलावा भारी मात्रा में कार चोरी करने वाले औजार व अन्य सामान बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इश्तियाक को पहले भी मकोका में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में 32 केस दर्ज हैं। वहीं आकिल के खिलाफ भी तीन मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में पता चला कि इश्तियाक रोजाना दो एसयूवी गाड़ियां चोरी कर मेरठ ले जाकर रिसीवर के हवाले करता था। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर इनसे पूछताछ कर रही है। इश्तियाक का बड़ा भाई इसरार बड़ा वाहन चोर था। लेकिन उसकी तबीयत खराब रहने लगी तो उसने वाहन चोरी का छोड़ दी। इसके बाद इश्तियाक ने गैंग की कमान संभाल ली।