हथौड़े से सिर पर वार कर युवक को मौत के घाट उतारा था
फिर सड़क हादसे का रूप देकर फरार हो गया था आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम ने 26 साल पहले हुई हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वर्ष 1998 में 24 साल का जय प्रकाश गंभीर हालत में पुलिस को पड़ा मिला था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने सड़क हादसा समझकर गोकलपुरी थाने में केस दर्ज किया, लेकिन जांच में पता चला कि यह हादसा नहीं, बल्कि सोझी-समझी हत्या थी।
जांच में सामने आया कि पड़ोसी विश्वनाथ सिंह उर्फ मुन्ना उर्फ फौजी ने जय प्रकाश के सिर पर हथौड़े से वार किया था। इसके बाद वारदात को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को शक था कि जय प्रकाश के उसकी पत्नी से अवैध संबंध हैं। हत्या का केस दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया और 5 दिसंबर 2001 को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। इसके बाद वह 26 साल तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। पहचान छिपाने के लिए वह फरीदाबाद, लोनी, इटावा और दिल्ली में ठिकाने बदलता रहा और मावा-खोया मंडी के काम से जुड़ा रहा।
भाइयों से आया था मिलने
26 साल बाद मिली एक छोटी-सी कड़ी ने पूरा खेल पलट दिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी के पैतृक गांव से सुराग जुटाए और दिल्ली में उसके भाइयों पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति लगातार उसके भाइयों से चोरी-छिपे मिलने लगा। पुलिस ने निगरानी और सत्यापन के बाद उसकी पहचान विश्वनाथ सिंह के रूप में की। 30 अक्तूबर को शिव विहार, सीलमपुर से आरोपी को दबोच लिया गया।