देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर काफी हद तक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पिछले सात दिन में एक बार फिर संक्रमित सैंपल मिलने की दर में दो फीसदी इजाफा हुआ है। शुरुआत में संक्रमण की यह दर 25 फीसदी से अधिक थी। दिल्ली के सभी जिले लाल जोन में थे। बीते एक महीने में यह दर 10 फीसदी से भी काफी नीचे आई है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते सोमवार को संक्रमण दर 8.90 फीसदी दर्ज की गई, जबकि बीते 18 अगस्त को यह दर 6.77 फीसदी थी। इस माह की शुरुआत में सक्रिय मामले कम होकर 9,897 तक आ गए थे, परंतु अब 11,626 तक पहुंच गए हैं।
इस वजह से अस्पताल से लेकर होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। कोरोना वायरस की वृद्धि दर भी देखने को मिली है। बीते कुछ दिन में ही यह दर 0.7 से बढ़कर 0.9 फीसदी पर आ गई है। हालांकि, बीते महीनों की स्थिति से तुलना करें तो जून में यही दर 5 से 7 फीसदी थी।
बाहरी मरीजों ने बढ़ाई सबसे बड़े कोविड अस्पताल में भीड़
दिल्ली के सबसे बड़े कोविड लोकनायक अस्पताल (एलएनजेपी) में एक बार फिर संक्रमित मरीजों की संख्या बढने लगी है। यहां रोजाना भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या पिछले कुछ दिनों में काफी बढ़ी है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार के ही अनुसार रोजाना 40 से 50 नए मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जबकि हाल ही में यह संख्या घटकर 20 से 25 पर आ गई थी। हालांकि जो नए मरीज भर्ती हो रहे हैं, उनमें से ज्यादातर नोएडा, गुडग़ांव और बुलंदशहर जैसी जगहों से आ रहे हैं। बाहर से लोग आकर यहां इलाज करवा रहे हैं जिसके चलते दिल्ली में दोबारा से संख्या बढ़ रही है।
दरअसल दिल्ली में पिछले 18 दिन में कोरोना वायरस के 1881 केस बढ़े हैं। जुलाई माह के अंत तक जहां अस्पतालों में कोरोना के केवल 2932 मरीज रह गए थे, वहीं अब यह बढ़ते-बढ़ते दोबारा 3617 पर पहुंच गए हैं। इसी तरह होम आईसोलेशन में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है।