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अदालत ने नवनीत कालरा का रिमांड देने से फिर किया इनकार

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नई दिल्ली। अदालत ने एक बार फिर ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी के सिलसिले में गिरफ्तार व्यवसायी नवनीत कालरा को पुलिस रिमांड पर देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने पुन: आवेदन दायर कर कालरा से पूछताछ करने के लिए पांच दिन का रिमांड मांगा था। कालरा वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। इसके अलावा अदालत ने कालरा की जमानत अर्जी पर 25 मई को सुनवाई तय की है।
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पुलिस ने कालरा के रेस्तरां खान चाचा, टाउन हॉल और नेगे एंड जू से पिछले दिनों 524 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बरामद किए गए थे। कालरा को16 मई की रात को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था।
साकेत जिला अदालत की ड्यूटी मजिस्ट्रेट वसुंधरा आजाद ने पुलिस के रिमांड आवेदन को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में रिमांड आवेदन में ऐसा कोई नया तथ्य नहीं है जिसके आधार पर रिमांड दिया जाए। उन्होंने कहा कि कालरा की रिमांड अवधि बढ़ाने से अदालत पहले भी इनकार कर चुकी है। उसके बाद परिस्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं आया। ऐसे में पुलिस रिमांड की जरूरत नहीं है।
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पुलिस का रिमांड आवेदन दूसरी बार खारिज हुआ है। इससे पहले 20 मई को इसी तरह की याचिका को एक अन्य मजिस्ट्रेट ने खारिज करते हुए कालरा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इससे पहले रेस्तरां संचालक को गिरफ्तारी के बाद तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव ने रिमांड आवेदन पेश करते हुए कहा कि जांच में नए तथ्य आए हैं। कालरा से मोबाइल डाटा, बैंक डिटेल व अन्य आरोपियों की मिलीभगत के संबंध में पूछताछ करनी है।
वहीं कालरा के अधिवक्ता विनीत मल्होत्रा ने रिमांड पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को बिना वजह प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी प्रकार के कंसंट्रेटर स्पाइस जेट केे द्वारा बेचे गए हैं। वहीं अभिनेता सलमान खान ने ही इस मॉडल के खरीदे हैं। उन्होंने कहा राज्य को निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए न कि किसी को फंसाने के लिए। उन्होंने कहा इस प्रकार से पुन: रिमांड आवेदन दायर करना कानून का दुरुपयोग है।
वहीं जेल से पेश कालरा ने तर्क रखा कि उसे इस मामले में इसलिए फंसाया जा रहा है क्योंकि वह मशहूर हैं। उसने पुलिस अधिकारियों को भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की आपूर्ति की है। कालरा ने अदालत को बताया कि मैं निर्माता नहीं हूं न ही मैने इसे आयात किया है। मैंने दोस्तों और परिवार की सुविधा के लिए मैट्रिक्स कंपनी से मशीनें लीं। पुलिस ने मुझसे कोविड-19 केंद्रों के लिए मशीनें भी खरीदी। उन्होंने कहा लोगों ने मुझे संदेश भेजे हैैं कि समय पर मदद से जान बचाई है।
उन्होंने इस दावे को गलत बताया कि मेरे 23 खाते ऐसे हैं जहां कंसंट्रेटरों को बेचने का पैसा जमा है। कालरा ने कहा मेरा सिर्फ एक खाता है। जहां रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) के जरिये पैसा आया। पुलिस ने दावा किया कि कंसंट्रेटर को चीन से आयात किया गया था और 16 हजार से 22 हजार की कीमत वाले कंसंट्रेटरों को 50 हजार से 70 हजार रुपये तक में बेचा जा रहा था। कंसंट्रेटर कोविड-19 रोगियों के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपकरण हैं और महामारी की दूसरी लहर में इसकी काफी मांग है। पुलिस ने कालरा के खिलाफ 5 मई को मामला दर्ज किया था।
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