तब्लीगी जमात मामले में तय किए आरोपों के खिलाफ 35 विदेशियों की याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने इन पर सरकारी आदेश की अवहेलना, जानलेवा संक्रमण के प्रति लापरवाही बरतने, महामारी अधिनियम का उल्लंघन और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों में रुकावट पैदा करने के तहत आरोप तय किए थे। इस आदेश को इन्होंने चुनौती दी थी।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य पेश किए हैं। लिहाजा पुलिस की जांच पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा 24 अगस्त को तय किए गए आरोप तथ्यों पर आधारित हैं। आरोपों में संशोधन की मांग की यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
निजामुद्दीन मरकज में अवैध तरीके से तब्लीगी जमात के आयोजन में मार्च में विदेशी शामिल हुए थे। पुलिस ने यहां से जमातियों को हिरासत में लेकर क्वारंटीन किया था। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। इस मामले में अधिकतर विदेशियों को जुर्माना भरने के बाद रिहा कर दिया था।
वहीं, कुछ विदेशियों ने मुकदमों का सामना करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद इनके खिलाफ अदालत ने आरोप तय किए थे। ये विदेशी नागरिक आरोपों को निराधार बताते हुए इन्हें रद्द करने की मांग कर रहे थे।