अदालत ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की परीक्षा में कथित तौर पर जाति आधारित प्रश्न रखने वाले पेपर सेटर की पहचान ना करने पर पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करें कि अगली सुनवाई पर डीएसएसएसबी के चेयरमैन को कोर्ट में पेश होना है।
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रविन्द्र बेदी ने पुलिस के रवैये पर कहा यह बेहद निराशाजनक है कि यह शिकायत नवंबर 2018 से लंबित है। कोर्ट ने कहा इस मामले में एसीपी या अन्य पुलिस अधिकारियों की ओर से पेपर में जाति सूचक प्रश्न रखने वाले शख्स को तलाशने का प्रयास नहीं किया गया।
कोर्ट ने कहा कि यह परीक्षा अक्तूबर 2018 में हुई थी और नवंबर में शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस पर अभी तक कोई फर्क नहीं पड़ा। कोर्ट ने सुनवाई 17 अक्तूबर को तय करते हुए डीएसएसएसबी के चेयरमैन को पेश होने का निर्देश दिया।
इस मामले में पुलिस ने पहले कोर्ट से कहा था कि पेपर में जाति सूचक प्रश्न रखने वाले शख्स को पेपर सेट करने वाले बोर्ड से हटा दिया गया था। हालांकि बोर्ड ने कर्मचारी का नाम और पहचान नहीं बताई। इस संबंध वकील सत्य प्रकाश गौतम ने डीएसएसएसबी के चेयरमैन के खिलाफ याचिका दायर की थी और पेपर में जाति सूचक प्रश्न रखने वाले शख्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।