राजधानी में कोरोना से हालात सुधर चुके हैं। संक्रमण के मामलों में कमी आने के बाद नई परेशानी खड़ी हो गई है। अधिकतर निजी अस्पतालों में अब कोरोना के नहीं बल्कि पोस्ट कोविड समस्याओं से पीड़ित मरीज भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों में भर्ती 75 फीसदी मरीज पोस्ट कोविड समस्याओं वाले हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
दिल्ली के अस्पतालों में मिलाकर अब केवल 1258 कोरोना मरीज ही भर्ती हैं। इनमें से कई ऐसे भी है, जहां केवल दो या तीन ही रोगी भर्ती हैं, लेकिन संक्रमण के मरीजों की संख्या कम होने के बाद अब पोस्ट कोविड मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है।
इन रोगियों को संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद सांस लेने में तकलीफ, थकान, न्यूरो, ह्रदय संबंधी विकार, फेफड़ों में परेशानी और मानसिक समस्याएं हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसा न करना घातक साबित हो सकता है।
फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉक्टर प्रवीन गुप्ता बताते हैं कि पिछले 15 दिन से पोस्ट कोविड मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनमें से कुछ सिर, ह्रदय और फेफड़ों की गंभीर समस्या से पीड़ित हैं। ऐसे रोगियों को एक सप्ताह तक आईसीयू में रखने की जरूरत होती है।