दो लोग आग लगते ही नीचे आकर बिजली के मीटर का कनेक्शन काट दिया और घटना की जानकारी दमकल विभाग को दी। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की 15 गाड़ियां पहुंच गईं। लेकिन भयावहता को देखते हुए 20 और गाड़ियां मौके पर बुला ली गईं। आग बुझाने के दौरान दमकलकर्मियों को पता चला कि गोदाम में दस लोग फंसे हैं। उन्होंने बचाव कार्य शुरू किया।
इस दौरान चार लोग इमारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे। बाद में दो ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। गोदाम में रबर, प्लास्टिक और पैकिंग का सामान होने की वजह से आग तेजी से फैली। करीब दो बजे दमकलकर्मियों ने आग पर कुछ हद तक काबू पा लिया। इसके बाद कूलिंग और इमारत के भीतर फंसे लोगों की तलाशने का काम शुरू किया गया। भूतल व पहली मंजिल पर तलाशी के दौरान कोई नहीं मिला। ऐसे में आशंका है कि दूसरी मंजिल पर लोग फंसे हो सकते हैं। फिलहाल राहत और बचाव का काम चल रहा है।
गोदाम में आग बुझाने के काम जारी है। साथ ही गायब हुए मजदूरों की तलाश भी की जा रही है, लेकिन अभी तक जिस जगहों पर आग बुझाई गई है, वहां से कोई नहीं मिला है, दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे हैं। आग बुझाने के बाद फोरेंसिक टीम घटनास्थल की जांच करेगी।
परविंदर सिंह, बाहरी दिल्ली पुलिस उपायुक्त
आग लगने के बाद गोदाम के पास मची अफरातफरी
गोदाम में आग लगने की जानकारी मिलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार मौके पर पहुंचकर उनके अपनों के फैक्टरी के अंदर फंसे होने का दावा करने लगे। मजदूरों के परिजन ने फैक्टरी मालिक पंकज गर्ग को बताया कि उनके परिचित गोदाम के अंदर हैं। उसके बाद मालिक ने बताया कि करीब छह मजदूर भीम नगर निवासी श्मशाद, निहाल विहार निवासी अभिषेक, किराड़ी निवासी नीरज, अजय, सोनू और विक्रम गोदाम में फंसे हुए हैं।
कुछ देर बाद जिला पुलिस उपायुक्त परिविंदर सिंह ने बताया कि गोदाम में आग लगने के बाद कुल दस लोग फंस गए थे। मौके पर पहुंचते ही दमकल कर्मियों ने चार लोगों को बाहर निकाल लिया था। उसके कुछ घंटों के बाद दो अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। अब फैक्टरी में चार लोगों के फंसे होने की आशंका है जिन्हें निकालने का काम किया जा रहा है। आग लगने की जानकारी मिलने के बाद मजदूरों के परिजन गोदाम के पास पहुंच गए। महिलाएं रो-रो कर पुलिस व दमकल कर्मियों को अपनों को बचाने की गुहार लगा रही है।
देर से गोदाम पहुंचने पर बची जान
मूलत: आजमगढ यूपी का रहने वाले तीन सगे भाई सोनू, विक्रम और अनिल उद्योग नगर स्थित इस फैक्टरी में काम करता है। अनिल ने बताया कि सोमवार को देर से गोदाम पहुंचने की वजह से उसकी जान बच गई। उसने बताया कि उसका दो भाई सोनू और विक्रम अभी गायब है। उसने कहा कि वह उम्मीद करता है कि दोनों भाई सही सलामत फैक्टरी से बाहर निकल जाए और तीनों भाई एक साथ रहें।
आग लगने पर सुरक्षा के तरीके :
. आग लगने पर तुरंत 101 नंबर पर कॉल करके सूचना दें।
. आग लगने पर सबसे पहले इमारत की अग्नि चेतावनी की घंटी फायर अलार्म को सक्रि करें। फिर जोर से चिल्लाकर लोगों को सचेत करें।
. आग लगने पर लिफ्ट का उपयोग न करें। केवल सीढिय़ों का ही प्रयोग करें।
. धुएं से घिरने पर अपने नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढक लें।
. अगर आप धुएं से भरे कमरे में फंस जाएं और बाहर निकालने का रास्ता न हो तो दरवाजे को बंद कर लें। साथ ही सभी दरारों और सुराखों को गीले तौलिये या चादरों से सील कर दें, जिससे धुंआ कमरे के अंदर न आ सके।
. अपने कार्यालय या गोदाम में स्मोक डिटेक्टर अवश्य लगाएं।
. निश्चित अंतराल पर इमारत में लगे फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, सार्वजनिक उदघोषणा प्रणाली और अग्निशामक की जांच करवाते रहें।
. फैक्टरी और गोदाम में लगे अग्निशामक की तारीख जांच लें। समय समय पर इनकी सर्विसिंग करवाते रहें। इसमें आग बझाने वाले गैस अथवा केमिकल को भरा जाए।
. अग्निशामक यंत्र का इस्तेमाल कब और कैसे करना है इसके बारे में जाने और लोगों को भी इसकी जानकारी दें।
. आग लगने पर घटनास्थल के पास भीड़ न लगने दें। इससे आपातकाल में बचाव कार्य में बाधा होती है।
. कपड़े में आग लगने पर भागे नहीं, बल्कि जमीन पर लेट जाएं और उलट पलट करे, या फिर अपने को कंबल से ढंक लें।
. आप आपातकालीन सेवा और अग्नि सुरक्षा में प्रशिक्षित नहीं हैं तो आग में फंसे लोगों को निर्देश न दें। ऐसा करके आप उन्हें भ्रमित या गुमराह कर सकते हैं।
. धुंआ और जहरीली गैस सबसे पहले छत की ओर तरफ इक्कठा होता है इसलिए धुंआ हो तो जमीन पर झुक कर बैठ जाएं।