आजादपुर मंडी प्रशासन के खिलाफ मंडी के व्यापारी लामबंद होने लगे हैं। सोमवार को एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी (एपीएमसी) की बैठक कोरोना वायरस महामारी विषय पर है। मंडी को कैसे चलाया जाए इस पर चर्चा होगी। इसे लेकर व्यापारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो रहे हैं।
एपीएमसी के सदस्य अनिल कुमार मल्होत्रा ने बताया कि व्यापारियों की तरफ से मंडी प्रशासन से पूछा जाएगा कि आखिर संक्रमण के मामले क्यों बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की जांच में क्यों ढीला रवैया अख्तियार किया जा रहा है। मंडी में बड़ी संख्या में मजदूर हैं। उनके खाते में पांच हजार रुपया राशन के लिए क्यों नहीं दिया जा रहा है।
यह भी पूछा जाएगा कि सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर इंस्पेक्टर राज क्यों चलाया जा रहा है। पांच हजार रुपये का चालान काटकर व्यापारियों को क्यों इस महामारी के दौर में अधिक परेशान किया जा रहा है। जबकि सरकार की तरफ से सोशल डिस्टेंसिंग के लिए किसी तरह का कदम नहीं उठाया जा रहा। एपीएमसी के भ्रष्टाचार को भी बैठक में उठाने की तैयारी में व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग है।
व्यापारी मीठा राम का कहना है कि बैठक में यह बात अवश्य उठनी चाहिए कि मंडी के मजदूरों को अपने गृह प्रदेश में भेजने का सरकार ने क्या इंतजाम किया है।