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दिल्ली : मंडियों में बढ़ रहा कोरोना वायरस का संक्रमण, आजादपुर में 400 तो ओखला मंडी में 500 की हुई स्क्रीनिंग

Sun, 03 May 2020 09:11 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सब्जी मंडी में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मिल रहा प्रवेश - फोटो : एएनआई
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दिल्ली की मंडियों में कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मंडी में जहां दो लोगों की मौत हो गई है वहीं 19 से अधिक लोग वायरस से संक्रमित हैं। इसे देखते हुए रविवार को पूरी मंडी में सैनिटाइजेशन का अभियान चला। रविवार को छुट्टी होने के कारण मंडी बंद कर सफाई अभियान चला। हालांकि मंडी में मेडिकल टीम मौजूद रही और जांच की गई।

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एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी (एपीएमसी) के चेयरमैन अदिल अहमद खान ने बताया कि आजादपुर मंडी में करीब 400 लोगों की स्क्रीनिंग की गई और अभी तक 14 लोगों के नमूने लिए गए हैं।


उन्होंने बताया कि ओखला मंडी में 500 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग के बाद 25 लोगों के नमूने लिए गए। आजादपुर मंडी की तर्ज पर ही ओखला मंडी को रविवार से 24 घंटे सातों दिन खोल दिया गया है। ओखला मंडी को भी सैनिटाइज किया गया।  
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उधर, एपीएमसी के सदस्य अनिल कुमार मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार दावा कर रही है कि मंडी 24 घंटे और सातों दिन खुल रही है। जबकि पिछले तीन सप्ताह से रविवार को मंडी बंद रह रही है। आवक भी मंडी में 90 प्रतिशत कम है।

व्यापारी संदीप खंडेलवाल ने कहा कि सैनिटाइजेशन महज एक दिखावा है। मंडी में आलू शेड 14 से 67 फड़ में विभाजित है। इसमें महज 10 फड़ में ही सैनिटाइज किया गया। यहां तक कि सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर जबरन पांच हजार रुपये का चालान किया जा रहा है। जहां इतनी बड़ी संख्या में व्यापारी, आढ़ती, पल्लेदार, मुनीम समेत मजदूर, माशाखोर आते हैं वहां सोशल डिस्टेंसिंग का क्या पैमाना है। जबरन चालान कर व्यापारियों को दिल्ली सरकार व एपीएमसी प्रशासन परेशान कर रही है।

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एपीएमसी की बैठक कल, मंडी प्रशासन के खिलाफ व्यापारी लामबंद

आजादपुर मंडी प्रशासन के खिलाफ मंडी के व्यापारी लामबंद होने लगे हैं। सोमवार को एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी (एपीएमसी) की बैठक कोरोना वायरस महामारी विषय पर है। मंडी को कैसे चलाया जाए इस पर चर्चा होगी। इसे लेकर व्यापारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो रहे हैं।

एपीएमसी के सदस्य अनिल कुमार मल्होत्रा ने बताया कि व्यापारियों की तरफ से मंडी प्रशासन से पूछा जाएगा कि आखिर संक्रमण के मामले क्यों बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की जांच में क्यों ढीला रवैया अख्तियार किया जा रहा है। मंडी में बड़ी संख्या में मजदूर हैं। उनके खाते में पांच हजार रुपया राशन के लिए क्यों नहीं दिया जा रहा है।

यह भी पूछा जाएगा कि सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर इंस्पेक्टर राज क्यों चलाया जा रहा है। पांच हजार रुपये का चालान काटकर व्यापारियों को क्यों इस महामारी के दौर में अधिक परेशान किया जा रहा है। जबकि सरकार की तरफ से सोशल डिस्टेंसिंग के लिए किसी तरह का कदम नहीं उठाया जा रहा। एपीएमसी के भ्रष्टाचार को भी बैठक में उठाने की तैयारी में व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग है।

व्यापारी मीठा राम का कहना है कि बैठक में यह बात अवश्य उठनी चाहिए कि मंडी के मजदूरों को अपने गृह प्रदेश में भेजने का सरकार ने क्या इंतजाम किया है।
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