पुलिस जमात के पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। वहीं जमात का कहना है कि पहले दिल्ली सरकार ने 24 मार्च को लॉडाउन घोषित किया था, उसके बाद 25 मार्च से देश भर में यह लागू हो गया। इस वजह से जमात में आए बाहरी लोग वहीं फंस गए थे।
29 से 31 मार्च के बीच पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मरकज से करीब 2300 लोगों को निकलवाकर जगह को खाली करवाया था। इसके बाद अप्रैल के पहले सप्ताह में भी दिल्ली की अन्य मस्जिदों में छिपे 200 जमातियों को पुलिस ने पकड़ा।
मालूम हो कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण का सबसे बड़ा खतरा मरकज के कारण ही फैला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल संक्रमण में से करीब 30 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जो मरकज के कारण कोरोना की चपेट में आए हैं।