राजधानी में कोरोना के मरीज भले ही रोज नया रिकॉर्ड बना रहे हों, लेकिन संक्रमण से होने वाली मौतों में लगातार गिरावट आ रही है। इससे 15 दिन में मृत्यु दर एक फीसदी से नीचे पहुंच गई है। अप्रैल के बाद ऐसा पहली बार है कि यह दर इतनी कम हुई है। सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों और प्रत्येक वर्ग के सहयोग के चलते मृत्यु दर को कम करने में सफलता मिली है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 29 अगस्त से अब तक कोरोना के 46,938 मामले आए हैं। इस दौरान संक्रमण की चपेट मेें आने से 340 लोगों की मौत हुई है। इस लिहाज से देखें तो मृत्यु दर 0.78 फीसदी रही है। अब रोज औसतन तीन हजार से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं और 22 लोगों की मौत हो रही है। जून में इतने ही केस आ रहे थे और औसतन 80 लोगों की मौत हो रही थी। इस समय कुल मृत्यु दर भी कम होकर 2.1 फीसदी हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि संक्रमण के मामलों के मुकाबले दैनिक मौतों के आंकड़ों मेें काफी कमी आ गई है। संक्रमण से होने वाली मौतों को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इससे पता चलता है कि विभाग की ओर से उठाए गए कदम सही दिशा में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस की संख्या छह गुना तक बढ़ा दी गई है। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि मौत के आंकड़ों को शून्य पर लाया जाए। इसके लिए कई अस्पतालों में आईसीयू बेड की संख्या को भी बढ़ाया जा रहा है।
ऐेसे कम हुई मृत्यु दर
महीना मामले मौत मृत्यु दर (प्रतिशत)
जून 67,800 2,220 3.2
जुलाई 47,900 1,160 2.5
अगस्त 39,150 481 1.3
सितंबर 46,938 340 0.78
(13 सितंबर तक)
नोट - सभी आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।