17 अप्रैल को महिला की रिपोर्ट आने से पहले ही मौत हो गई। इससे स्वास्थ्य विभाग ने महिला के शव को रिपोर्ट आने तक सुरक्षित रखते हुए 48 साल के पति और देवर को आईएफटीएम में क्वारंटीन कर दिया। 18 अप्रैल को उनके सैंपल भी भेज दिए। 21 अप्रैल को महिला की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आ गई। महिला का शव क्वारंटीन पति को सौंप दिया। पति और देवर नेमहिला की अंत्येष्टि कर दी।
पार्षद पति जयप्रकाश पाल के मुताबिक अंत्येष्टि में गांव के कुछ लोग शामिल हुए। गमी में उसके परिवार और आस पड़ोस के लोग भी शामिल हुए। अंत्येष्टि के कुछ घंटे बाद ही 21 अप्रैल की देर रात 21 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई। इसमें महिला का पति भी पॉजिटिव है। जबकि देवर की रिपोर्ट में संशय है। पति कीरिपोर्ट पॉजिटिव आने से इलाके में दहशत है और प्रशासन ने इलाके को सील कर दिया है।
इलाके को सैनिटाइज्ड कर पॉजिटिव के संपर्क में आए उसके परिवार और आसपास के अलावा गमी में शामिल होने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। पॉजिटिव व्यक्ति मजदूरी करता है। उसके पांच बच्चे हैं। तीन भाई और उनके परिवार हैं।
पत्नी की निगेटिव रिपोर्ट के बाद पति की पॉजिटिव रिपोर्ट आने से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पॉजिटिव व्यक्ति मजदूरी कर परिवार पालता है। लॉकडाउन के बाद कहीं काम पर भी नहीं गया है। ऐसे में वह संक्रमित कहां से हुआ, इसकी छानबीन हो रही है।
पति 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक आईएफटीएम में क्वारंटीन था। आईएफटीएम से संक्रमण कीचपेट में आने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने इस आशंका को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर दो सेतीन दिन के भीतर रिपोर्ट पॉजिटिव आने की संभावना नहीं है। उसके संपर्क को चिह्नित किया जा रहा है।