नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक के बाद कुछ दिनों से कई राज्यों के गांवों की तरह दिल्ली के गांवों में भी ग्रामीणों की मौत हो रही है। दिल्ली का एक भी गांव ऐसा नहीं है जिसमें ग्रामीणों की मौत नहीं हुई है। कई गांवों में तो 20 से 40 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं, गांवों में कोई भी एक घर ऐसा नहीं है जिसमें कोरोना जैसे लक्षणों से पीड़ित ना हों। दिल्ली में गत एक माह के दौरान खेड़ा कलां गांव में सबसे अधिक ग्रामीणों की मौत हुई है।
दिल्ली-हरियाणा सीमा के आसपास गांवों में गत एक माह से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौत हुई है। इन गांवों में खेड़ा कलां, संनोठ, दरियापुर कलां, बवाना, औचंदी, कटेवड़ा, कुतुबगढ़, जटखोड़, मदनपुर डबास, रानीखेड़ा, मुबारिकपुर, घेवरा, निजामपुर, जोंती, टटेसर, मैदान गढ़ी, पालम, मुखमेलपुर आदि प्रमुख तौर पर शामिल हैं। खेड़ा कलां गांव में करीब 40 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है।
ग्रामीण अशोक राणा के मुताबिक गत एक माह के दौरान मरे ग्रामीणों को बुखार हुआ था। वहीं औचंदी गांव के युवक बबलू लोहचव ने बताया कि उनके गांव में बुखार होने पर 25 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है और कई दिनों के दौरान तो दो-दो, तीन-तीन लोगों की मौत हुई।
कटेवड़ा गांव में भी 20 ग्रामीणों की मौत हुई है। गांव के गोवर्धन खत्री ने बताया कि गत एक माह के दौरान गांवों के मरे लोगों को बुखार हुआ था। वहीं कुतुबगढ़ गांव में 25 ग्रामीणों की मौत हो गई है। गांव के राम सिंह राणा के अनुसार काफी लोग बुखार से पीड़ित हैं और उनमें से ही 25 लोगों की मौत हुई है। जटखोड़ निवासी जगमाल ने बताया कि उनके गांव में 18 लोगों की बुखार होने पर मौत हो चुकी है।
मदनपुर डबास में नौ ग्रामीणों की बुखार से मौत हुई है। रानीखेड़ा में भी 12 लोगों की मौत हो गई, इनमें 2 सगे भाई शामिल हैं। उनकी दो घंटे के अंदर मौत हुई थी।
गांवों के लोगों के अनुसार उनके गांव में एक भी ऐसा घर नहीं है जिसमें बुखार से पीड़ित नहीं है। घरों में एक को बुखार आना बंद होता है तो दूसरे को बुखार चपेट में ले लेता है। इस कारण उनके गांव की हालत खराब होती जा रही है। एक-दो दिन छोड़कर उनके गांव में मौत हो रही है। इतना ही नहीं, कई दिन तो लगातार कई-कई मौतें भी हो जाती है।
कोरोना ने प्रतिष्ठित लोगों को भी लील लिया
ग्रामीणों को कोरोना ने इस कदर घेर रखा है कि आम ग्रामीणों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के नामचीन लोगों की भी मौत हो रही है। गत चार दिनों के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की दो बड़ी हस्तियों की भी मौत हो गई। दिल्ली की सबसे बड़ी पालम 360 खाप के अध्यक्ष एवं पालम गांव निवासी चौ. रामकरण सोलंकी और अखिल भारतीय जाट महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मैदान गढ़ी निवासी प्रधान नत्थू सिंह डागर की कोरोना से मौत हो गई।