राजधानी दिल्ली में बीते कई दिनों से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इसका असर टीकाकरण अभियान पर भी दिख रहा है। 21 दिन में तीन लाख 25 हजार लोग टीका लगवा चुके हैं। एक सप्ताह से रोजाना औसतन 30 हजार लोग टीका लगवा रहे हैं। हालांकि, ये अभी भी लक्ष्य से काफी कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
दिल्ली में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में अभी तक आठ लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। कुल 2.78 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों ने टीके के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से अभी तक 1 लाख 96 हजार को वैक्सीन लगी है। वहीं, 4.5 लाख अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों में से 2 लाख 71 हजार को वैक्सीन लगी है।
इसके अलावा 45 साल से अधिक उम्र (पुरानी बीमारी से पीड़ित) के भी 43 हजार लोगों को ही टीका लग सका है। जबकि, इनकी संख्या करीब तीन लाख है। इस लिहाज से देखें तो लक्ष्य के हिसाब से टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
एम्स के डॉक्टर विजय गुर्जर बताते हैं कि कुछ सप्ताह से दिल्ली में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगवाने के लिए पंजीकरण कराने की जो प्रक्रिया है। उसे थोड़ा सरल बनाने की जरूरत है। तकनीकी परेशानियों की वजह से कई लोग टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पाते। ऐसे में वह वैक्सीन भी नहीं लगवा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जो लोग कोविड से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं। उन्हें लगता है कि अब उनके अंदर एंटी बॉडी बन गई हैं। ऐसे लोग भी वैक्सीन नहीं ले रहे हैं। नगर निगम के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर अजय कुमार का कहना है कि कई लोगों को लग रहा है कि वह कोरोना से संक्रमित नहीं होंगे। इसके कारण वह टीका नहीं लगवा रहे हैं, लेकिन लोगों को इस प्रकार की भ्रांतियां मन में नहीं रखनी चाहिए।
बुजुर्गों में दिख रहा उत्साह
बुजुर्गों में टीकाकरण के लिए काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। 21 दिन में करीब 03 लाख बुजुर्ग वैक्सीन ले चुके हैं। अभी तक हुए कुल वैक्सीनेशन में 32 फीसदी बुजुर्ग ही हैं।
टीकाकरण के आंकड़े
कुल 500 केंद्रों पर चल रहा टीकाकरण कार्यक्रम
लक्ष्य- 45 हजार प्रतिदिन
इतने लोगों को लगी वैक्सीन की पहली डोज - 810,083
अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारी -2,71,209
स्वस्थ्य कर्मचारी -1,96,130
45 साल से अधिक उम्र के -43,500
बुजुर्ग ( 60 साल से ज्यादा) - 2,99,453
दूसरी डोज-1,84,564
टीका लगवा चुके पांच लोगों से बातचीत
1. वैक्सीन आने के बाद इसे लगवाने के लिए काफी उत्सुक था। टीके की दोनों खुराक लगवा चुका हूं। अभी तक कोई भी समस्या नहीं हुई है। सभी से अपील है कि वह टीका जरूर लगवाएं।
-कनिष्क यादव
2. कोरोना के खिलाफ जंग में वैक्सीन सबसे कारगर हथियार है। टीकाकरण शुरू होने वाले दिन ही मैंने पहली डोज लगवा ली थी। एक माह पहले वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है। टीका लगने के बाद कोई भी दिक्कत नहीं आई थी। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।
-डॉक्टर गुरुराज
3. कुछ दिन पहले ही कस्तूरबा अस्पताल में टीका लगवाया है। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। टीका लेने के बाद कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई थी। अब बुजुर्ग लोग बड़ी संख्या में टीकाकरण करा रहे हैं। लोगों को इससे सीखने की जरूरत है।
-संजय गुप्ता
4. एम्स के डॉक्टर अमरदीप भी वैक्सीन लगवा चुके हैं। अमरदीप बताते हैं कि दिल्ली में टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव के मामले 1 फीसदी भी नहीं आए हैं। ऐसे में लोगों को वैक्सीन के प्रति कोई संशय दिमाग में नहीं रखना चाहिए।
(नोट- सभी आंकड़े 21 मार्च तक के हैं, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं)