शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने तीन कृषि कानूनों के अधिनियमन के एक वर्ष पूरा होने पर 17 सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ता किसानों के साथ तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर संसद तक विरोध मार्च निकालेंगे।
वहीं दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल ने नाराज किसानों को मनाने की कवायद शुरू कर दी। शिअद नेताओं ने पंजाब के 32 किसान संगठनों से संपर्क किया है। वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने शिअद नेतृत्व के साथ वार्ता के लिए किसान नेताओं से एक समिति बनाने का आग्रह किया।
शिअद की 'गल पंजाब' मुहिम के दौरान मोगा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज से किसान नेता नाराज चल रहे हैं। शिअद नेता प्रो. चंदूमाजरा ने किसान नेताओं को एक पत्र भी लिखा। जिसमें कहा गया कि अकाली दल हमेशा किसानों के मुद्दे पर खड़ा रहा और संयुक्त किसान मोर्चा के हर फैसले का समर्थन किया।
किसानों की सभी चिंताओं को दूर करने के साथ-साथ तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए एकजुट होकर शिअद किसानों के साथ काम करना चाहता है। यही कारण है कि शिअद ने अपने अभियान को एक सप्ताह के लिए टाल दिया। उन्होंने किसानों से अपील की कि किसान नेता अकाली दल की ओर से वार्ता के लिए बलविंदर भुंडूर और मनजिंदर सिंह सिरसा से पसंद के स्थान पर मिल सकते हैं।