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गर्मी में महंगाई की मार: तापमान बढ़ने के साथ ठंडक पहुंचाने वाले फलों के दामों में बढ़ोतरी, डेढ़ गुना से ज्यादा आया उछाल

Wed, 08 Jun 2022 05:05 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

35 रुपये में बिकने वाला नारियल पानी 60 तक चला गया है और तरबूज के दामों में भी 20 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई  है। 45 डिग्री के करीब पारा पहुंचने के साथ इस वक्त नारियल पानी, तरबूज समेत गर्मी से राहत दिलाने वाली इसी तरह की दूसरी चीजों की मांग भी बढ़ी है। 
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तरबूज - फोटो : instagram/ kunichan0210
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विस्तार
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राजधानी को तपा देने वाली गर्मी में सरेराह गला तर करने वाले पेय और फलों की कीमतों में भी आग लग गई है। डीजल की बढ़ती कीमतों ने इसमें घी का काम किया है। फुटपाथ पर मिलने वाला नारियल पानी और तरबूज बीते दो महीने में डेढ़ गुना से ज्यादा महंगा हो गया है। 35-40 रुपये में मिलने वाला नारियल पानी इस वक्त 60 रुपये से ऊपर बिक रहा है, जबकि तरबूज की कीमत 10 से 20 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई है।

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45 डिग्री के करीब पारा पहुंचने के साथ इस वक्त नारियल पानी, तरबूज समेत गर्मी से राहत दिलाने वाली इसी तरह की दूसरी चीजों की मांग भी बढ़ी है। दिल्ली में इनकी आपूर्ति दूसरे प्रदेशों से होती है। नारियल दक्षिण भारत से दिल्ली पहुंचता है और तरबूज उत्तर प्रदेश व राजस्थान से आता है। कारोबारी बताते हैं कि मांग में उछाल आने और डीजल की कीमत बढ़ने से इनकी कीमतें आसमान छू रही हैं।

मसलन, दक्षिण भारत से आजादपुर मंडी पहुंचने वाला एक ट्रक नारियल का किराया 1.20 लाख रुपये होता था, जबकि इस वक्त किराया 1.76 लाख के आसपास है। शंकर रोड पर बीते 10 साल से नारियल पानी बेच रहे बरेली के जीशान का कहना है कि इस वक्त मंडी में ही एक नारियल की कीमत 40 के करीब है। यहां तक लाने आदि का खर्च जोड़ने से फुटकर में इसकी कीमत 60 रुपये हो जाती है। वहीं, जो तरबूज पहले 10-12 रुपये प्रतिकिलो था, इस वक्त यह 20 रुपये से ऊपर बिक रहा है।
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रिज रोड पर बीते 20 साल से तरबूज और नारियल पानी की रेहड़ी लगाने वाले फहीम बताते हैं कि पहली बार इतनी महंगाई है। पहले एक बार में वह करीब 500 नारियल लाते थे और तब प्रति एक को 40 रुपये में बेचते थे, लेकिन मंडी में महंगा मिलने से इसे 60 रुपये में बेचना पड़ रहा है। इसी तरह तरबूज पहले 7-9 रुपये प्रतिकिलो मंडी में मिल जाता था, लेकिन अब 12-14 रुपये प्रतिकिलो मिल रहा है। बाजार में जाते-जाते इसकी कीमत 20 से 22 रुपये प्रतिकिलो हो जाती है। डीजल के दाम कम नहीं हुए तो हर सामान पर महंगाई की मार पड़ेगी।

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