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दिल्ली: किसान नेताओं के साथ बैठक में केजरीवाल बोले- तीनों कृषि कानून डेथ वारंट जैसे, पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी किसानी

Sun, 21 Feb 2021 04:59 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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किसानों और केजरीवाल के बीच हो रही चर्चा - फोटो : ANI
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिये डेथ वारंट हैं। इन कानूनों के लागू हो जाने के बाद किसानों की किसानी कुछ चंद पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी। किसान पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बनकर रह जाएंगे। केंद्र सरकार तुरंत इन तीनों काले कानूनों को वापस करे और स्वामीनाथन आयोग के अनुसार सभी 23 फसलों को एमएसपी पर खरीद करने की गारंटी प्रदान करे। 

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रविवार को दिल्ली विधानसभा के अंदर दोपहर के भोजन पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं को आमंत्रित कर उनसे बातचीत के दौरान केजरीवाल ने यह बातें कहीं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी तक वह उनके साथ और पूरे सहयोग के साथ खड़े रहेंगे। अरविंद केजरीवाल की किसानों से इस बातचीत के दौरान दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल, कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत, राजेन्द्र पाल गौतम, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, विधायक दिलीप पाण्डेय भी मौजूद थे।

केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। अगर सरकार देश के किसानों की बात नहीं सुनेगी, तो आखिर किसकी बात सुनेगी? भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार बार-बार कह रही है कि इन कानूनों से किसानों को फायदा होगा, लेकिन अभी तक वो एक भी फायदा जनता को बताने में नाकाम रही है। उल्टे, ये तीनों कानून एक तरह से किसानों के लिए डेथ वारंट हैं। अगर यह तीनों कानून लागू हो जाते हैं, तो देश के किसानों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत पैदा हो जाएगी। किसानों की किसानी कुछ चंद पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी और हमारे देश का किसान अपने ही खेत में मजदूर बनने के लिए विवश हो जाएगा।
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मेरठ में होगी महापंचायत
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 28 फरवरी को मेरठ में बहुत बड़ी किसान महापंचायत होगी। उस किसान महापंचायत में भी इन तीनों कानूनों के ऊपर चर्चा की जाएगी और इनको वापस लेने के लिए केंद्र सरकार से अपील की जाएगी। सीएम ने कहा कि यह दुखदाई है कि केंद्र सरकार ने किसानों के साथ बैठकें करनी बंद कर दी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही निकलेगा। केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए और केंद्र सरकार को अड़ना नहीं चाहिए कि हम कानून वापस नहीं लेंगे। किसानों की कानून वापस लेने की मांग है। अगर हमारे देश के किसानों की कोई सरकार नहीं सुनेगी, तो फिर किसकी सुनेगी।

बैठक में शामिल हुए यह किसान नेता
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिन नेताओं के साथ मुलाकात और बातचीत हुई उनमें किसान नेता चौधरी रोहित जाखड़, चौधरी यशपाल सिंह, विरेंद्र गुज्जर, चौधरी उधम सिंह, राहुल बेदी, कुलदीप त्यागी, चौधरी बाबा श्याम सिंह, चौधरी संजय, चौधरी शोखेंद्र, ठाकुर पूरन सिंह, सिराजुद्दीन चौहान और चौधरी दलबीर शामिल थे।

केजरीवाल से मिलकर गदगद दिखे किसान नेता
किसान नेता चौधरी रोहित जाखड़ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जाति-धर्म और संप्रदाय की सभी दीवारें तोड़ कर पश्चिमी यूपी की पूरी चौधराहट को विधानसभा में बुला कर सम्मान दिया है। यह वैसा ही है, जैसा सुदामा को श्रीकृष्ण ने बुलाकर सम्मान दिया था। चौधरी श्याम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बारे में हमने जैसा सुना था, वैसा ही उनमें पाया। चौधरी यशपाल सिंह ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने हमें हमेशा सहयोग देते रहने का आश्वासन दिया है। मांगें पूरी होने तक हमारा धरना जारी रहेगा।

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