पीएफआई कार्यालय पर यूपी एसटीएफ का छापा
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यूपी एसटीएफ ने रविवार को दिल्ली के शाहीन बाग स्थित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यालय पर छापा मारा। छापे के दौरान कई अहम दस्तावेज और पोस्टर एसटीएफ के हाथ लगे हैं, जिसका विश्लेषण किया जा रहा है। यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि यह कार्रवाई मथुरा में पीएफआई सदस्यों के खिलाफ मांठ थाने में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में की गई है। उन्होंने बताया कि न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं जिसकी पड़ताल की जा रही है। साथ ही कुछ विवादित पोस्टर भी मिले हैं जिसमें बाबरी मस्जिद विधवंस से संबंधित पोस्टर शामिल हैं। अमिताभ यश के मुताबिक इस मामले में पड़ताल के दौरान एसटीएफ को कई ऐसी अहम जानकारी मिली है, जिससे पीएफआई के सदस्य आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं। एसटीएफ को केरल के कई ऐसे मामलों के बारे में जानकारी मिली है, जिसमें पीएफ के सदस्यों ने आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। इसमें एक स्कूल के लेक्चरर का हाथ काटने का मामला भी शामिल है।
बता दें कि इस मामले में पिछले साल सितंबर माह में मथुरा में पुलिस ने पीएफआई के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर जातीय हिंसा की साजिश का पर्दाफाश किया था। बाद में इस मामले की विवेचना यूपी एसटीएफ को दे दी गई थी। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में जांच शुरू की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने इसी केस में केरल से रऊफ शरीफ को गिरफ्तार किया था, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय रऊफ को यूपी लाने में नाकाम रही थी। उसे केरल की स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी थी।
जमानत मिलने के बाद विदेश भागने की कोशिश में उसे यूपी एसटीएफ ने केरल के एक एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था और उसे यूपी ला कर मथुरा में जिला सत्र न्यायालय में पेश किया था। रऊफ की निशानदेही पर राजधानी लखनऊ से दो लोगों को गिरफ्तार कर सीरियल ब्लास्ट की योजना को नाकाम कर दिया था।