दिल्ली नगर निगम पर मानसून से पहले अपने 34 प्रतिशत नालों की सफाई करने की चुनौती है। निगम के मुताबिक करीब 66 प्रतिशत नालों की सफाई या तो हो चुकी है, या फिर इनकी सफाई का काम तेजी से चल रहा है। हफ्ते भर में ये काम पूरा हो जाएगा। इसके लिए आखिरी अंतिम तिथि 15 जून नियत की गई है।
नालों की सफाई के लिए तैयार दिल्ली नगर निगम की सालाना कार्य योजना के मुताबिक मौजूदा समय में छोटे बड़े 669 पंपिंग सेट या पंपिंग स्टेशन नालों से गाद निकालने में लगे हैं। दक्षिणी दिल्ली में 27 स्थायी पंपिंग स्टेशन, एक अस्थायी पंपिंग स्टेशन, 124 पंपिग सेट, 150 पोर्टेबल पंप, 10 मोबाइल पंपिंग यूनिट और 10 हाई डिस्चार्ज यूनिट काम में लगी हैं। इसी तरह उत्तरी दिल्ली में छोटे बड़े कुल 153 पंपिंग सेट व पंपिंग स्टेशन सिल्ट निकालने में लगाए गए हैं। पूर्वी दिल्ली में भी 21 स्थायी पंपिंग स्टेशन और 80 मोबाइल पंपिंग सेट काम में लगाए गए हैं।
688 नाले, 131 साफ, 525 की सफाई जारी : दिल्ली नगर निगम के पास 4 फुट चौड़ाई के 688 नाले हैं। इनकी लंबाई करीब 427 किलोमीटर है। निगम की कार्य योजना रिपोर्ट के मुताबिक, 131 नाले पूरी तरह साफ हो गए हैं, जबकि 525 नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। यह काम दो हफ्ते में पूरा हो जाएगा।
समय सीमा में काम पूरा करने का दावा : दिल्ली नगर के मुख्य अभियंता दिलीप रमनानी ने बताया कि पूर्वी दिल्ली में नालों की सफाई का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। हफ्ते भर में बचा हुआ काम भी पूरा हो जाएगा। मानसून से पहले हुई बारिश के कारण नालों की सफाई का काम तेज कर दिया गया है। दूसरे प्रमुख अभियंता केपी सिंह ने बताया कि उत्तरी दिल्ली में भी तेजी से नालों को साफ करने का काम चल रहा है।
एक तिहाई सिल्ट ही निकाल सका निगम
एक अगस्त 2021 से 31 मई 2022 के बीच दिल्ली नगर निगम ने 90262.04 मीट्रिक टन सिल्ट निकालने की कार्य योजना बनाई थी। 22 मई तक करीब 60 हजार मीट्रिक टन सिल्ट निकल पाई। इस तरह दस महीने में निगम ने निर्धारित लक्ष्य का करीब एक तिहाई काम पूरा कर लिया।