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फिर से मोबाइल और कंप्यूटर पर चलेंगी कक्षाएं

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते 10 महीने के बाद कैंपस में लौटी रौनक दोबारा सूनी होने लगी है। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आंबेडकर यूनिवर्सिटी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आदि ने छात्रों को घर जाने की सलाह दे दी है। ऑफलाइन कक्षाओं को दोबारा ऑनलाइन मोड में परिवर्तित किया जा रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय और अन्य राज्यों के छात्रों को हॉस्टल में रुकने का विकल्प देने की भी तैयारी चल रही है, पर उससे पहले उनका कोरोना टेस्ट होगा।
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दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह के मुताबिक, कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने के चलते विश्वविद्यालय की आपात बैठक बुलाई गई है। इन दिनों पीएचडी, पोस्ट ग्रेजुएशन, बीटेक फाइनल और बीटेक पहले वर्ष के छात्र प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए कैंपस आ रहे थे। अब प्रैक्टिकल बंद करने का फैसला लिया गया है। ऑनलाइन कक्षाओं से इन छात्रों को जोड़ा जाएगा। हॉस्टल में 400 छात्र हैं। इसमें से 60 विदेशी छात्राएं हैं। विश्वविद्यालय ने 2020 में भी इन विदेशी छात्रों को कैंपस में रहने के लिए विशेष सुविधाएं दी थीं। इस बार भी इनके रहने खाने आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा अन्य राज्यों के जो छात्र घर जाने में असमर्थ होंगे, उनको भी रहने की अनुमति मिलेगी। हालांकि हॉस्टल में रहने वाले इन छात्रों को कैंपस से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक कमरे में एक ही छात्र को ठहराया गया है।
कोरोना जांच के साथ हॉस्टल में रहने की अनुमति
नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि शनिवार को छात्रों, शिक्षकों, कर्मियों, सुरक्षा गार्ड की कोरोना जांच की गई। पहले दिन इस दौरान 500 जांच की गईं। कैंपस में इन दिनों पीएचडी, बीटेक, एमटेक आदि के छात्र प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए हॉस्टल में रह रहे हैं। विश्वविद्यालय का अगला सेमेस्टर 19 अप्रैल से शुरू हो रहा है। कोरोना के चलते छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कोरोना जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर हॉस्टल में छात्र रह सकेंगे। यदि किसी छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसके लिए अलग से लड़के और लड़कियों के लिए आइसोलेशन रूम भी बना लिए गए हैं। 40 से अधिक विदेशी छात्राएं भी हॉस्टल में रह रही हैं, इसलिए जो छात्र हॉस्टल में कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उन्हें अनुमति मिलेगी। बाहरी लोगों को कैंपस में आने की अनुमति नहीं होगी।
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लाइब्रेरी और लैब के लिए कैंपस न आने की सलाह
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्रों को लाइब्रेरी और लैब आदि के लिए अब कैंपस न आने की सलाह दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से आग्रह किया है कि बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते अब वे घर से ऑनलाइन कक्षाओं से पढ़ाई करें और शिक्षकों से दिक्कतों का समाधान पूछें। हालांकि कैंपस पिछले वर्ष मार्च से बंद था। दो महीने पहले ही पीएचडी, एमफिल समेत अंतिम वर्ष के छात्रों को लाइब्रेरी और लैब आदि के काम के लिए कैंपस आने की अनुमति मिली थी।
स्नातक और स्नातकोत्तर की कक्षाएं बंद
अंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली ने 11 महीने के बाद फरवरी में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में आखिरी वर्ष के छात्रों की पढ़ाई के लिए कैंपस दोबारा शुरू किया था। हालांकि 10 अप्रैल को तत्काल प्रभाव से दोबारा बंद करने का फैसला लिया गया है। सभी स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम की कक्षाएं अब क्लासरूम से दोबारा मोबाइल और कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन पर चलेंगी। इसके अलावा एमबीए प्रोग्राम में दाखिले के लिए 11 अप्रैल को आयोजित होने वाली संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है।
हॉस्टल खाली कराने की तैयारी शुरू
जेएनयू कैंपस में छात्रों में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते जल्द ही हॉस्टल खाली कराने की तैयारी शुरू हो गई है। जेएनयू प्रशासन से यूजीसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कोरोना मामले पर अपडेट मांगा है। प्रशासन से पूछा है कि आखिर इतनी सख्ती और कम छात्रों के बाद भी इतने संक्रमण के मामले कैसे आ रहे हैं। कक्षाएं फिर से ऑनलाइन मोड से चलेंगी।
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