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इंजीनियर ने किया मकान मालिक के 7 माह के बेटे का अपहरण, 40 लाख मांगे

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नई दिल्ली। रणहौला के मोहन गार्डन में बीटेक कर चुके इंजीनियर प्रियांशु कुमार (24) ने मकान मालिक सिद्धार्थ के 7 माह के बेटे को अगवा कर लिया। इसके बाद उसने बच्चे के पिता से 40 लाख की फिरौती मांग ली। मासूम को लेकर वह टैक्सी में घूमता रहा। 60 किलोमीटर भागदौड़ के बाद पुलिस ने बच्चे को उत्तम नगर से सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि प्रियांशु वहां से भाग निकला था। बाद में उसे रात में ही इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
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बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि कानपुर स्थित प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक कर चुका प्रियांशु फिलहाल साहिबाबाद में एक कंपनी में अप्रेंटिसशिप कर रहा है। मोहन गार्डन में वह सिद्धार्थ के मकान की दूसरी मंजिल पर पिता सुरेश कुमार के साथ किराए पर रहता है। शुक्रवार दोपहर अपहरण की सूचना पर पुलिस पहुंची तो बच्चे की मां शिवि कौशिक ने बताया कि किराएदार सुरेश कुमार का बेटा प्रियांशु उनके 7 माह के बेटे के साथ खेलने की जिद कर रहा था। उस समय बेटा सो रहा था। प्रियांशु वहीं बैठ गया और जागते ही उसे लेकर चला गया। पूरे घर में तलाश के बाद भी बच्चा नहीं मिला तो शिवि ने ओखला की फार्मा कंपनी में काम करने वाले पति सिद्धार्थ को सूचना दी।
वे कार्यालय से लौट रहे थे, तभी प्रियांशु ने उन्हें फोन कर सहयोग करने और 40 लाख उसके बैंक खाते में डलवाने के लिए कहा। पुलिस में शिकायत करने पर बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। अपहरण का मामला दर्ज कर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुधांशु धामा के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं। पुलिस ने तकनीकी जांच की और प्रियांशु का पीछा कर उसकी कार को पंखा रोड के पास रोक लिया। वहां वह बच्चे को छोड़कर भाग चुका था। पुलिस ने रात में ही प्रियांशु को उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया।
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शुरुआती पूछताछ में प्रियांशु ने बताया कि वह कानपुर की एक लड़की से प्यार करता है। उसकी मांग पूरी करने के लिए वह लगातार उसे पैसे देता है। अब उसने प्रेमिका के साथ रहने का फैसला कर लिया है। वह चाहता था कि उसके पास काफी पैसे आ जाएं, जिससे वह दिल्ली से कहीं दूर जाकर प्रेमिका के साथ बस सके। इसीलिए उसने मकान मालिक के बेटे का अपहरण कर उनसे बड़ी रकम मांग ली।
तकनीकी जांच से पता चला कि प्रियांशु बच्चे को अगवा करने के बाद चार किलोमीटर पैदल चलकर उत्तम नगर टर्मिनल पहुंचा। वहां से एप आधारित टैक्सी लेकर गाजियाबाद गया। इस दौरान पुलिस उसके फोन को सर्विलांस पर ले चुकी थी। बच्चे के पिता ने उसे लगातार चैट पर उलझाकर रखा। उसके बैंक खाते में थोड़े-थोड़े कर 40 हजार रुपये डलवाए गए। बाकी पैसों का इंतजाम करने की बात कही गई, ताकि आरोपी संपर्क में रह सके। पुलिस आनंद विहार पहुंची तो पता चला कि वसुंधरा में एक युवक बच्चे को लेकर टैक्सी में सवार हुआ है। आरोपी लगातार ठिकाना बदल रहा था। पुलिस ने उसे लाजवंती चौक पर घेरने का प्लान बनाया। 4 घंटे बाद पुलिस ने पंखा रोड के पास कार रोककर बच्चे को बरामद कर लिया। पुलिस के घेरने का अंदेशा होने पर वह कार से उतरकर फरार हो गया था।
प्रियांशु ने बच्चे को अगवा करने के बाद अपने पिता को भी फोन किया। उसने बताया कि फिरौती के लिए उसने मकान मालिक के बेटे को अगवा कर लिया है। वह बच्चे के माता-पिता को समझाएं कि वे सहयोग करें और पैसे की तुरंत व्यवस्था करें। इसके बाद आरोपी के पिता ने बच्चे के पिता के साथ रहकर उनकी मदद की और आरोपी के खाते में पैसे जमा किए, ताकि वह संपर्क में रहकर जल्द से जल्द पकड़ा जाए।
आरोपी की कार चला रहे ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि बच्चे के रोने पर जब उसने कारण बताया तो उसने उसे अपने भाई का बेटा बताया। उसने कहा कि वह बच्चे को भाई के पास ही ले जा रहा है। लगातार घुमाने को लेकर पूछे जाने पर ड्राइवर ने बताया कि प्रियांशु कार से नीचे उतरकर फोन पर बात करता था। इसके बाद उसे अन्य जगह पर ले जाने के लिए कहता था।
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