चीन में बैठे हाईटेक ठग भारतीयों को अच्छे रिटर्न का झांसा देकर लगातार ठग रहे हैं। भारतीय मोहरों की मदद से और दो हजार लोगों को ठगने का खुलासा हुआ है। दक्षिण-पूर्व जिले के साइबर सेल ने तेलंगाना में हैदराबाद निवासी नागाराजू कर्मांची (31) और सिकंदराबाद निवासी कोनडाला सुभाष (31) को गिरफ्तार कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया है।
ये दोनों डिजिटल हवाला के जरिये भारतीय निवेशकों की गाढ़ी कमाई चीन पहुंचा रहे थे। इन ठगों के आका चीन में हैं। ये उन्हें भारतीय बैंकों में खुलवाए खाते उपलब्ध कराते थे। इन्हें चीन से ही ऑनलाइन ऑपरेट किया जा रहा था।
साइबर सेल के मुताबिक, ठगों की जिस शृंखला का पता चला है, वह 45 दिन में 25 करोड़ से अधिक रकम डिजिटल हवाला के जरिये चीन पहुंचा चुका है। शुरुआती जांच में 2000 से अधिक लोगों के साथ ठगी का पता चला है। आरोपियों से 30 मोबाइल, 7 लैपटॉप, एक कंप्यूटर, दो हार्डडिस्क, 50 सिम, चार चेकबुक व छह डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं।
ठगी की रकम हजारों करोड़ पहुंचने की आशंका है। मुख्य आरोपी नागाराजू ने अलग-अलग नाम से 10 शैल (फर्जी) कंपनियां बना रखी हैं। इनके करंट अकाउंट के माध्यम से ही अरबों रुपये की ठगी हो रही थी।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि बदरपुर निवासी वरुण शर्मा ने गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल पर निवेश के नाम पर 10.38 लाख की ठगी की शिकायत दी थी। इस संबंध में 19 जून को बदरपुर थाने में मामला दर्ज हुआ। वरुण ने बताया कि वह डेटिंग एप टिंडर के जरिये सू येओन पार्क नाम के व्यक्ति के संपर्क में आए। उसने खुद को साउथ कोरिया का नागरिक बताकर निवेश पर अच्छा रिटर्न देने का वादा किया।
वरुण ने शुरूआत में 5000 रुपये का निवेश किया। इस पर अच्छा रिटर्न मिला तो उन्होंने चार अलग-अलग कंपनियों में 10.38 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद ठगों ने संपर्क खत्म कर लिया। इनमें एक कंपनी गोल्डन मार्क टेक्नोलॉजीज थी।