नई दिल्ली। देशभक्ति पाठ्यक्रम के जरिए हमें ऐसा माहौल प्रदान करना है कि जिससे बच्चे में 24 घंटे देशभक्ति की भावना से जुड़े रहें। स्कूल-कॉलेजों से अच्छे डॉक्टर, इंजीनियरिंग, वकील, कारोबारी निकल रहे हैं, लेकिन अब अच्छे देशभक्त डॉक्टर, वकील और इंजीनियर बनेंगे। यह बातें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देशभक्ति पाठ्यक्रम को लांच करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा। देशभक्ति पैदा नहीं की जा सकती, हर किसी में देशभक्ति है, अब उसे जगाना है।
बच्चों में सांविधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान की गहरी भावना विकसित करने, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों की गहरी समझ बनाने के लिए देशभक्ति पाठ्यक्रम को लागू किया गया है। मंगलवार को शहीद भगत सिंह की जयंती पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश, एससीईआरटी निदेशक ने छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में इसे लांच किया। इस दौरान यूफोरिया बैंड फेम गायक डॉ. पलाश सेन ने देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति दी। इस अवसर पर पूरे स्टेडियम में तिरंगे लहराते रहे।
अब यह पाठ्यक्रम नर्सरी से आठवीं तक और नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं में लागू कर दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि यह पाठ्यक्रम देशभक्ति की बात नहीं करेगा बल्कि बच्चों के दिल मेें देशभक्ति का जज्बा भरेगा। इस पाठ्यक्रम में हर साल देशभक्ति से संबंधित सौ कहानियां शामिल करेंगे और हर साल सौ-सौ कहानियां शामिल करते जाएंगे। इस मौके पर छात्रों व शिक्षकों ने इस पाठ्यक्रम को लेकर अपने अनुभवों को भी साझा किया। इनमें वह बच्चे व शिक्षक शामिल थे, जिन पर इस पाठ्यक्रम को पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था।
इस अवसर पर कहानियों की किताब का भी विमोचन किया गया, जिसमें कई देशभक्त कहानियां हैं। शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश ने इस मौके पर बताया कि यह पाठ्यक्रम अलग-अलग कक्षाओं के लिए अलग-अलग डिजाइन किया गया है।
पाठ्यक्रम में होगी 45 मिनट की कक्षा
देशभक्ति पाठ्यक्रम के तहत 45 मिनट की कक्षा में पांच मिनट का ध्यान होगा। इस दौरान बच्चे रोजाना किन्हीं पांच देशभक्त के बारे में सोचेंगे और आभार जताएंगे। इस पाठ्यक्रम को नर्सरी से आठवीं व नौवीं से बारहवीं के लिए अलग-अलग डिजाइन किया गया है। इसमें बच्चे संकल्प लेंगे कि वे अपने देश का सम्मान करेंगे। इसका एक पीरियड 40 मिनट का होगा। इस पाठ्यक्रम के तहत ध्यान, देशभक्ति डायरी, क्लासरूम चर्चा, क्लास एक्टिविटी, ग्रुप चर्चा, समापन एक्टिविटी को शामिल किया गया है। साथ ही फ्लैग-डे भी शामिल है। इसके अंतर्गत प्रत्येक चैप्टर के बाद फ्लैग-डे एक्टिविटी दी गई है। बच्चों को देशभक्ति डायरी बनानी होगी। इसमें बच्चे इस पाठ्यक्रम से संबंधित करवाई गई एक्टिविटी, होमवर्क, परिचर्चा के अनुभवों को साझा करेंगे।